उत्तर प्रदेश के कासगंज में ‘बिकरू’ जैसा कांड हुआ है. यहां शराब माफियाओं के घर नोटिस चस्पा करने गए पुलिसकर्मियों पर बदमाशों ने हमला कर दिया. इस घटना में एक पुलिसकर्मी शहीद हुआ और एक घायल हो गया है. पुलिस की ओर से अब एक्शन लिया जा रहा है, एक आरोपी को ढेर कर दिया गया है जबकि मुख्य आरोपी की तलाश है.
कासगंज कांड का मुख्य आरोपी मोतीलाल है, जो नगला धीमर गांव का ही रहने वाला है. इस गांव में कच्ची शराब का काम होता है, जो पूरा मोतीलाल के अंडर में ही है. रिकॉर्ड के मुताबिक, मोतीलाल के खिलाफ 11 आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं, जिनमें से कुछ की हिस्ट्री शीट भी खुली है.
सूत्रों की मानें, तो एक साल पहले भी इसने पुलिस पर हमला किया था. मोतीलाल के ही भाई एलकार को पुलिस ने सुबह मुठभेड़ में मार गिराया है जो कि शराब के काम में इसका साथी था. गांव की काली नदी के पास ही इनका शराब का पूरा कारोबार चलता था.
इस मामले में कॉन्स्टेबल देवेंद्र शहीद हुए हैं. साल 2015 में ही वो पुलिस में शामिल हुए थे, जबकि 2017 में उनकी शादी हुई थी. जानकारी के मुताबिक, देवेंद्र की दो बेटियां हैं, जिनमें से एक ढाई साल की और दूसरी चार महीने की बेटी है.
इस बार भाले से किया हमला
बीते दिन जब सिपाही और दारोगा कासगंज के गांव में आरोपियों के यहां नोटिस चस्पा करने गए, तभी उनपर हमला कर दिया गया था. सूत्रों की मानें, तो बदमाशों द्वारा भाले से पुलिसवालों पर हमला किया गया था. इतना ही नहीं पुलिसवालों के कपड़े भी फाड़ दिए गए थे, जिसके बाद उन्हें घटनास्थल से कुछ दूरी पर फेंक दिया गया था.
बाद में पुलिसवालों को दोनों साथी घायल अवस्था में मिले थे, जिन्हें बाद में अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल ले जाने पर सिपाही की मौत हो गई, जबकि दारोगा का इलाज जारी है.
इस मामले की जांच कर रही पुलिस को घटना स्थल से सरिया और भाला भी बरामद हुआ है. पुलिस की कई टीमों को अब मुख्य आरोपी मोती और उसके साथियों की तलाश में लगा दिया गया है.