गुजरात के वडोदरा में दिवाली की रात दो गुटों में जमकर बवाल हुआ. आधी रात के बाद करीब आधे घंटे तक हुए बवाल के दौरान पुलिस की मौजूदगी में जमकर पेट्रोल बम चले. बदमाशों ने स्ट्रीट लाइट्स भी बुझा दी थीं. इसे लेकर अब वडोदरा पुलिस ने बयान जारी किया है. पुलिस ने इस बवाल को सुनियोजित साजिश बताया है.
वडोदरा पुलिस की ओर से कहा गया है कि दिवाली की रात बवाल और तोड़फोड़ साजिश लग रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्ट्रीट लाइट्स का बंद किया जाना, पेट्रोल बम का उपयोग बताता है कि ये हिंसा किस तरह सुनियोजित थी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही बवाल हुआ, सबसे पहले स्ट्रीट लाइट्स बंद कर दी गईं और पेट्रोल बम का इस्तेमाल भी किया गया.
वडोदरा पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वडोदरा के पानीगेट इलाके में रात करीब 12.30 बजे पटाखे जलाने को लेकर दो समुदाय के लोगों के बीच बहस हो गई. तीखी बहस के बाद दोनों तरफ से कई लोग मौके पर पहुंच गए और दो लोगों की बहस से शुरू हुए विवाद ने गुटीय संघर्ष का रूप ले लिया.
दोनों गुटों के लोग आमने-सामने आ गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी. उपद्रवियों ने कई कार में तोड़फोड़ की, कई वाहनों को आग लगा दी. इस हिंसक झड़प के दौरान पेट्रोल बम का भी इस्तेमाल किया गया. सूचना पाकर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पुलिस की टीम पर भी पेट्रोल बम से हमला किया गया. उपद्रवियों ने डिप्टी पुलिस कमिश्नर (डीसीपी) पर पेट्रोल बम से हमला किया. हालांकि, डीसीपी बाल-बाल बच गए.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उपद्रवियों नवे कुछ समय में ही कई पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक राजेंद्र त्रिवेदी ने भी इस हिंसा के पीछे साजिश की आशंका जताई है. बीजेपी विधायक ने कहा है कि इस इलाके में दो समुदाय के लोगों के बीच हिंसा की ये कोई पहली घटना नहीं है. ये इलाका संवेदनशील है.
उन्होंने दावा किया इस इलाके में पिछले चार महीने के अंदर इस तरह की ये तीसरी घटना है. गौरतलब है कि वडोदरा में पटाखे जलाने के विवाद में हुई हिंसक झड़प के मामले में पुलिस ने 17 लोगों को हिरासत में लिया है. घटना वडोदरा शहर के पानीगेट इलाके की है जिसे संवेदनशील इलाका माना जाता है.