छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से शनिवार-शुक्रवार को कुल 10 नक्सलियों को गिरफ्तार किया. ये नक्सली दर्जनों संगीन वारदातों में शामिल रहे हैं. पुलिस अधीक्षक ने यह जानकारी रविवार को दी है. पकड़े गए नक्सलियों में पिन्नापल्ली वीरा, गौरैया दुब्बा, दुब्बा शंकर, दुब्बा कन्हैया, कुड़ियम रमेश और शंकर गोटे शामिल हैं.
पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने कहा कि 5 मई को बासागुड़ा थाना प्रभारी रंजीत प्रताप सिंह के नेतृत्व में जिला बल और कोबरा 204 की संयुक्त पार्टी ग्राम पाकेल के लिए रवाना की गई थी. टीम को सूचना मिली कि नक्सली मामले के तीन आरोपी पोलमपल्ली के जंगल में देखे गए हैं. टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तीनों नक्सलियों को पकड़ा.
इनमें सोढ़ी राजू, मड़कम पांडू और कमलू भीमा शामिल हैं. शुक्रवार को नक्सली मामलों के फरार 6 आरोपियों को थाना मद्देड़ और डीआरजी की टीम ने लोदेड़, धनगोल, दम्पाया के जंगलों से गिरफ्तार किया. पकड़े गए नक्सलियों में पिन्नापल्ली वीरा, गौरैया दुब्बा, दुब्बा शंकर, दुब्बा कन्हैया, कुड़ियम रमेश और शंकर गोटे शामिल हैं.
एसपी ने कहा कि इसके अलावा डकैती की घटना में शामिल एक नक्सली आयतू माड़वी को दरभा के जंगल से पकड़ा गया. इसको पकड़ने की जिम्मेदारी थाना कुटरू में पदस्थ जवानों और जिला बल के जवानों को दी गई थी. पुलिस और अर्ध सैनिक बलों के जवानों के द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन के दौरान लगातार नक्सली पकड़े जा रहे हैं.
पिछले 2 दिन में 11 नक्सली गिरफ्तार
उधर, सुकमा जिले के चिंतलनार और जगरगुंडा थाना क्षेत्र से पुलिस ने दो दिन में कुल 11 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. सभी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया. पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने बताया कि शुक्रवार को चिंतलनार से 8 और गुरुवार को जगरगुंडा से 3 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है.
उन्होंने कहा कि जिला पुलिस बल, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की संयुक्त कार्रवाई में चिंतलनार थाना क्षेत्र के कोत्तापल्ली पटेलपारा निवासी 8 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें मड़कम सुक्का, पोड़ियाम भीमा, माडवी नगा, माडवी जोगा, हेमला बुधु, नुप्पो हिडमा, मुचाकी लक्ष्मण और हेमला धन्नू शामिल हैं.
एसपी ने बताया कि इन सभी नक्सलियों ने पिछले साल 22 दिसंबर को मोरपल्ली के पास पगडंडी में आईईडी विस्फोट किया था. आईईडी विस्फोट में एक जवान घायल हो गया था. सभी नक्सली माओवादी संगठनों के सदस्य के रूप में सक्रिय थे. इनमें से मड़कम सुक्का पहले माओवादियों की बटालियन का सदस्य था.