दिल्ली की एक कोर्ट ने आठ वर्षीय बच्चे के साथ बार-बार कुकर्म करने वाले एक युवक को दस साल की सजा सुनाई है. कोर्ट ने माना कि इस तरह के अपराध का बच्चे के मन पर स्थायी असर पड़ता है. मानसिक और शारीरिक पीड़ा का बच्चे पर लंबे समय तक प्रभाव रहेगा.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रघुवीर सिंह ने मयूर विहार निवासी विकास (22) को बच्चे के साथ कुकर्म करने और धमकाने के लिए जेल भेज दिया. बच्चा युवक के पड़ोस में रहता था. कोर्ट ने पीड़ित और उसके पिता के बयानों तथा मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला दिया.
कोर्ट ने दोषी पर 4000 रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही पूर्वी दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण को दिल्ली सरकार की पीड़ित मुआवजा योजना के तहत बच्चे को मुआवजा देने का आदेश दिया. बच्चे के पिता ने मार्च, 2013 में पांडव नगर पुलिस थाने में केस दर्ज कराया था.