मध्यप्रदेश के सिवनी जिले की एक स्थानीय अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में फंसे मार्केटिंग सोसायटी के पूर्व प्रबंधक को चार साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय के निरीक्षक प्रभात शुक्ला ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश एस.के. चौबे ने मलारा (बरघाट) मार्केटिंग सोसायटी के पूर्व प्रबंधक रेखराम पटले को रिश्वत लेने के जुर्म में चार साल की कैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुना दी.
मंगलवार को ही अदालत के आदेश पर पटले को जेल भेज दिया गया. बरघाट के मुआर (विजयपानी) गांव के किसान डीजेन्द्र बघेल ने मलारा सोसायटी में पांच लाख रुपये मूल्य की धान समर्थन मूल्य पर खरीद केन्द्र पर बेची थी.
धान की राशि का भुगतान करने के एवज में आरोपी प्रबंधक ने 21 हजार रुपये की रिश्वत की मांग किसान से की थी, जिस पर दोनों के बीच 15 हजार रुपये में सौदा तय हुआ. पीड़ित किसान की शिकायत पर लोकायुक्त की टीम ने सोसायटी प्रबंधक को नोटों के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया था.
लोकायुक्त ने पटले पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच के बाद चालान कोर्ट में पेश किया था. इस मामले में लोकायुक्त की ओर से विशेष लोक अभियोजक दीपा मर्सकोले ने पैरवी की थी.
इनपुट- भाषा