यूपी के बलिया में बाइक सवार बदमाशों द्वारा अगवा किया गया एक बच्चा मौका मिलते ही अपहरणकर्ताओं की चंगुल से भाग निकला. वह अभी भी दहशत में है. परिजन उसको अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गुरुवार सुबह उसे छुट्टी दे दी गई.
जानकारी के मुताबिक, बहादुरपुर नई बस्ती निवासी राजकिशोर केशरी का बेटा आकाश किसी काम से घर से बाहर निकला था. उस समय अंधेरा हो गया था. इस बीच मुंह बांधे दो लोग उससे कुछ दूरी पर खड़े हो गए. सामने एक मोबाइल फोन गिरा हुआ था.
आकाश की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, किसी का फोन उस पर आ गया. उसने समझा कि उन्हीं लोगों का फोन है. लिहाजा उसे उठाकर यह कहते हुए उनके पास गया कि अंकल आपका फोन गिर गया है. मोबाइल फोन लेने के बाद बदमाशों ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाया और उसे लेकर भाग निकले.
बदमाशों के साथ एक और बच्चा था, जिसका मुंह बंधा था. रसड़ा कोतवाली अंतर्गत संवरा के पास आकाश को होश आ गया. रेलवे क्रॉसिंग पर बदमाशों ने बाइक रोकी. वहां पहले से झाड़ी में छिपे लोग सामने आए. एक बदमाश ने पूछा कि इन लड़कों को कहा ले जाना है.
यह सुनते ही आकाश विचलित हो गया. संयोगवश इसी बीच बलिया की ओर आने वाली सवारी गाड़ी रेलवे क्रॉसिंग पर रुक गई. मौका देखकर आकाश ट्रेन में चढ़कर शौचालय में जाकर छिप गया. बदमाश उसे तलाशते रहे, तब तक ट्रेन चल पड़ी.
रात करीब 12 बजे ट्रेन बलिया स्टेशन पर पहुंची. उसकी खोज में निकले परिजनों से बालक आकाश की मुलाकात हो गई. परिजन आकाश को अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गुरुवार सुबह उसे छुट्टी दे दी गई.