यूपी के झांसी में नारायण बाग के पास सड़क किनारे मिले वीरेंद्र गुप्ता के शव की गुत्थी पुलिस ने आखिर सुलझा ली. पुलिस की जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं उनके अनुसार वीरेंद्र को उसके दोस्तों ने ही आशनाई के लिए बुलाया और हथौड़ी मारकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद उसके शव को सड़क किनारे फेंक कर फरार हो गए.
जानकारी के मुताबिक, 24 जनवरी को कोतवाली थाना क्षेत्र में नारायण बाग के पास सड़क किनारे एक युवक का शव पड़ा मिला था. पुलिस ने उसकी शिनाख्त बड़ागांव गेट बाहर राय कॉलोनी निवासी वीरेंद्र गुप्ता उर्फ धीरू के रूप में की थी. उसके सिर में पर गहरी चोट के निशान थे. शव के पास ही एक खून से लथपथ हथौड़ी और उसकी बाइक पड़ी मिली थी.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि घटना के खुलासे में जुटी पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड में दो अभियुक्त लल्लू और धर्मेद्र शामिल थे. घटना वाली शाम तीनों ने मछली मार्केट से मुर्गा और शराब लिया था. पुलिस दोनों अभियुक्तों की तलाश में जुट गई. उनके घरों पर दबिश दी. उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी.
पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त टूट गए. उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने खून से भीगे कपड़े भी बरामद कर लिए. आरोपी राजपूत नगर कॉलोनी निवासी लल्लू उर्फ नूर हसन ने बताया कि मृतक वीरेंद्र गुप्ता अय्याश किस्म का आदमी था. उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध बना लिए थे.
उसे जब इस बात का पता चला तो उसने इसका विरोध किया. जब पत्नी पर पाबंदी लगाई गई तो वीरेंद्र ने लल्लू की पत्नी को रामसिंह के साथ भगा दिया. बाद में जब लल्लू ने रिपोर्ट की तो पत्नी झांसी आई. पुलिस के समक्ष रामसिंह को ही अपना पति बताते हुए लल्लू को छोड़ दिया. अत: मामला रफा-दफा हो गया. लल्लू के चार बच्चे थे. वह पिकअप चलाकर गुजारा करता था.
उसने बताया कि आए दिन धीरू उसके घर आकर पत्नी के बारे में अनाप-शनाप बोलता था. गंदी बातें भी करता था. उसको बहुत बुरा लगता था. एक दिन लल्लू के दोस्त धर्मेद्र के सामने भी वीरेंद्र ने पत्नी के बारे में गलत बोला तो उसे बहुत बुरा लगा और उसने वीरेंद्र की हत्या की साजिश धर्मेद्र के साथ मिलकर रच डाली. लल्लू ने वीरेंद्र से कुछ रुपये उधार लिए थे.
इसलिए उसका आना-जाना उसके घर हो गया और बाद में उसकी पत्नी से भी उसके अवैध संबंध बन गए. घटना वाले दिन उन दोनों ने फोन करके वीरेंद्र को मछली मार्केट बुलाकर शराब और मुर्गा खरीदा. इसके बाद एक महिला को उसने अय्याशी के लिए नारायण बाग के पास बुलाया है. वीरेंद्र उनके झांसे में आ गया. इसके बाद उसकी हत्या कर दी.