पंजाब के अबोहर में दो दलितों के हाथ पैर काटने का मामला मंगलवार को संसद में भी गूंजा. इस मुद्दे पर कांग्रेस और अकाली सांसद आमने-सामने खड़े हो गए. इस घटना के लिए अकाली दल ने पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया. वहीं, सरकार ने पीड़ित को सात लाख रुपये की फौरी मदद दी है.
इस घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) को तलब किया. इसके साथ ही राज्य सरकार से मामले को फास्ट-ट्रैक अदालत में भेजने को भी कहा है. पुलिस प्रतिदिन जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया.
एडीजीपी इकबालप्रीत सिंह सहोता ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा. आयोग ने पुलिस को घटना के बारे में कार्रवाई रिपोर्ट 21 दिसंबर तक जमा करने को कहा है. वहीं जांच तेज करने के लिए एसआईटी गठित करने का भी निर्देश दिया.
राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष राजेश बाघा ने कहा कि अबोहर की घटना मानवता के खिलाफ अपराध है. किसी सभ्य समाज में इस तरह के अपराध की अनदेखी नहीं की जा सकती. यह अक्षम्य है. दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.