यूपी में दरवेश यादव एक जानी मानी महिला अधिवक्ता थीं. इन दिनों वो बहुत खुश थीं. दो दिन पहले ही उन्हें देश के सबसे बड़े राज्य की बार काउंसिल का अध्यक्ष चुना गया था. इस मौके पर आगरा की दीवानी कचहरी में उनके सम्मान में सभी अधिवक्ताओं ने एक स्वागत समारोह का आयोजन किया था. बुधवार को तय वक्त पर दरवेश वहां पहुंच चुकी थीं. वो अपने साथियों से बधाई स्वीकार कर रही थीं. लोग उन्हें फूल मालाएं भेंट कर रहे थे. अधिवक्तागण अपनी खुशी का इजहार कर रहे थे.
समारोह के बाद दरवेश एक वरिष्ठ अधिवक्ता साथी के चैंबर में बैठी थीं. वहां कई लोग और मौजूद थे. कई लोग बाहर से आकर उन्हें मुबारकबाद दे रहे थे. दरवेश के साथ उनके पूर्व सहयोगी और वकील मनीष शर्मा भी मौजूद था. उसके गले में भी कई फूल मालाएं दिख रही थीं. सब कुछ ठीक चल रहा था. तभी अचानक एक के बाद तीन गोली चली. फिर अचानक एक गोली और चली. दरवेश और मनीष खून से लहूलुहान पर पड़े थे.
गोली की आवाज़ सुनकर आस-पास के सारे वकील मिश्रा के चैंबर की तरफ दौड़ पड़े. गोली की आवाज़ से पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इसी दौरान ख़बर फैल गई कि यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. दो दिन पहले ही दरवेश यादव को इस पद पर चुना गया था. वारदात को ऐसे वक्त पर अंजाम दिया गया, जब दीवानी कचहरी में उनका स्वागत समारोह चल रहा था. इस दौरान आरोपी अधिवक्ता मनीष भी गोली लगने से घायल हो चुका था. चौथी गोली उसने खुद को मारी थी.
जानकारी के मुताबिक आगरा की दीवानी कचहरी में स्वागत समारोह के दौरान हुए इस गोली कांड से सनसनी फैल गई. बताया जा रहा है कि अधिवक्ता मनीष ने समारोह के दौरान अचानक पिस्तौल निकाली और यूपी बार काउंसिल की नवनिर्वाचित अध्यक्ष दरवेश यादव पर गोली चला दी. उसने दरवेश को तीन गोली मारी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली. आरोपी दरवेश यादव का पूर्व सहयोगी बताया जा रहा है.
घटना के बाद फौरन मनीष शर्मा को सिकंदरा हाइवे स्थित रेनबो अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. जबकि दरवेश को पुष्पांजलि अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद अस्पताल में वकीलों की भीड़ जमा हो गई है. पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं.
वारदात थाना न्यू आगरा इलाके के न्यायालय परिसर में हुई है. अभी तक इस घटना के पीछे की वजह साफ नहीं है. पुलिस ने मामले की छानबीन कर शुरू कर दी है.आगरा जोन के एडीजी अजय आनंद समेत अन्य आला अफसर और वरिष्ठ अधिवक्ता मौके पर जा पहुंचे. मामले की तफ्तीश की जा रही है.