सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक एमएमएस ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक नकली बाबा के अश्लील कारनामों का खुलासा कर दिया. स्वंयभू बाबा महिलाओं का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था. ज्यादातर निःसंतान महिलाएं उसका शिकार बनती थीं. वह इलाज के नाम पर महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाता था.
अय्याशी का आश्रम
मामला बाराबंकी के देवा कोतवाली क्षेत्र का है. जहां मां काली हरई धाम के नाम से राम शंकर तिवारी उर्फ़ परमानन्द बाबा का एक आश्रम है. बाबा आए दिन अपने भक्तों और खासकर महिला भक्तों से घिरा रहता है. हाल में कथित बाबा का एक एमएमएस सोशल मीडिया में वायरल हो गया. जिसमें बाबा महिलाओं के साथ अश्लील हरकते करते दिख रहा है.
वीडियो से खुला राज
बाबा महिलाओं को झांसा देकर उनके साथ अश्लील हरकते करता था. और इसी दौरान अंतरंग लम्हों की वीडियो क्लिपिंग भी बनाता था. बाद में वह उस वीडियो के माध्यम से महिलाओं को ब्लैकमेल करता था. लेकिन उसे नहीं पता था कि एक दिन उसकी बनाई वीडियो क्लिपिंग ही उसे ले डूबेगी और उसके सारे राज का पर्दाफाश कर देगी.
कम्प्यूटर ने किया खुलासा
कथित बाबा धनी महिलाओं से लंबे समय तक धन वसूली करता था. यही वजह थी कि धीरे-धीरे बाबा की संपत्ति और रुतबा बढ़ता गया. एक दिन बाबा का कंप्यूटर ख़राब हो गया. उसे मरम्मत के लिए आश्रम से बाहर भेजा गया और उस कम्प्यूटर ने उसके 25 सालों के काले कारनामों का राज खोल दिया.
बनाता था अश्लील वीडियो
दरअसल, कथित बाबा परमानंद अपने कथित आश्रम में निसंतान महिलाओं का इलाज करता था. वह तंत्र-मंत्र के सहारे निसंतान महिलाओं को पुत्र प्राप्ति का झांसा देकर उनका यौन शोषण करता था. जिस कमरे में सब होता था वहां लगा एक खुफिया कैमरा महिलाओं की अश्लील वीडियो कैद कर लेता था. जिसके सहारे बाबा ब्लैकमेलिंग करता था. इतना ही नहीं इस बाबा के भक्तों में बड़े-बड़े अधिकारी भी शामिल थे.
चश्मदीद ने किया खुलासा
देवा निवासी गिरीश तिवारी ने आरोप लगाया कि बाबा महिलाओं के शोषण के साथ-साथ उनसे धन की वसूली भी लेता था. पैसा वसूलकर उन्हें छोड़ देता था. उन महिलाओं में से कुछ उसने अपना दलाल बना रखा था. गिरीश के मुताबिक उसके साथ कुछ पुलिस वाले भी मिले हुए थे. यही वजह थी कि पुलिस ने वहां कभी रेड नहीं की. अगर कोई पुलिस वाला कार्यवाई करता था तो बाबा उसका ट्रांसफर करा देता था.
धोखाधड़ी और आईटी एक्ट का मुकदमा दर्ज
एमएमएस वायरल होने के बाद मामला पुलिस के पास जा पहुंचा. पुलिस ने स्वत: संज्ञान में लेते हुए एसपी के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया. पुलिस ने फर्जी बाबा परमानंद के खिलाफ फिलहाल धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. बाराबंकी के एसपी अब्दुल हमीद ने बताया कि सीओ सिटी को इस मामले की जाचं दी गई है. जो वीडियो कब्जे में आया है, उसकी भी जांच होगी. उसके बाद जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
एसपी ने बताया कि तथाकथित बाबा रामशंकर तिवारी के खिलाफ पहले से देवा कोतवाली में नौ मुकदमे दर्ज हैं. एसपी के मुताबिक पुलिस ने आश्रम में गई थी लेकिन वहां बाबा नहीं मिला. वहां केवल कुछ महिलाएं और पुरुष पुलिस को मिले. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.