उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक ट्रक ड्राइवर और क्लीनर ने हाइवे पर एक
महिला के साथ सामुहिक बलात्कार की घटना को अंजाम दिया. दोनों ने पहले अपनी
हवस की भूख मिटाई और बाद में उस महिला का सामान लूट लिया. जब महिला ने
विरोध कराना चाहा तो उन्होंने उसे चाकू मारकर जख्मी कर दिया. और मौके से
फरार हो गए. महिला इलाज के लिए अस्पताल के बाहर घंटो तड़पती रही.
बस्ती की रहने वाली पीडित महिला सोमवार की रात अपने पति से झगड़कर घर से निकल गई. उसके पास कुछ पैसे और बैंक की पासबुक थी. जैसे ही वह हाईवे पर पहुंची तो लगभग 11 बजे एक ट्रक उसके पास आकर रुका. जब तक वह कुछ समझ पाती दो लोगों ने ट्रक से उतरकर उसे पकड़ लिया. और खींचकर हाईवे के किनारे झाडियों में ले गए. जहां दोनों ने बारी बारी से उसके साथ बलात्कार किया.
इस दौरान जब महिला ने विरोध करने की कोशिश की तो उन दरिंदों ने उसे चाकू मारकर घायल कर दिया. अपनी हवस मिटाने के बाद उन दोनों ने महिला का सामान लूट लिया. और महिला को बदहवास हालत में छोड़कर फरार हो गए. पुलिस ने इस घटना को दबाने की पुरजोर कोशिश की लेकिन महिला का इलाज न होने की वजह से मामला खुल गया.
किसी ने महिला को सड़क किनारे पड़ा देखकर इस बात की जानकारी निकटवर्ती पुलिस चौकी को दी. बीट का सिपाही मौके पर पहुंचा और उसने 108 एम्बुलेंस सेवा के जरिए पीडित महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक ईलाज कर महिला को गोरखपुर मेडिकल कालेज के लिये रेफर कर दिया. लेकिन सवेदनहीन 108 एम्बुलेंस चालक ने महिला को गोरखपुर ले जाने के बजाय उसे कैली ओपेक चिकित्सालय छोड़ दिया और वहां से चला गया.
रात भर पीड़िता वहां पड़ी दर्द से कराहती रही. मगर उसे इलाज नहीं मिला. कैली अस्पताल के डॉक्टरो ने उसे एक दर्द का इंजेक्शन देकर बाहर कर दिया. सुबह जब मीडिया ने हस्तक्षेप किया तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई और 5 घंटे बाद पुलिस ने गैंगरेप पीड़िता की सुध ली. आनन फानन में उसे महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है.