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भोपाल गैंगरेपः फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला फैसला, चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा

भोपाल की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जज की अदालत में 21 नवंबर से मामले पर प्रतिदिन सुनवाई चल रही थी. ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश के ही विदिशा की रहने वाली और भोपाल में यूपीएससी की कोचिंग कर रही 19 वर्षीया छात्रा के साथ हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पास 4 लोगों ने गैंगरेप किया.

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भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन के करीब घटी थी घटना
भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन के करीब घटी थी घटना

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 31 अक्टूबर को हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पास UPSC एग्जाम की तैयारी करने वाली नाबालिग लड़की से गैंगरेप करने वाले चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक महीने के करीब चली सुनवाई के बाद शनिवार को आरोपियों को यह सजा सुनाई है.

भोपाल की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जज की अदालत में 21 नवंबर से मामले पर प्रतिदिन सुनवाई चल रही थी. ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश के ही विदिशा की रहने वाली और भोपाल में यूपीएससी की कोचिंग कर रही 19 वर्षीया छात्रा के साथ हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पास 4 लोगों ने गैंगरेप किया.

गैंगरेप की इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था. पीड़िता के मुताबिक, आरोपी गैंगरेप के बीच पीड़िता को बेहोश छोड़ पान-गुटखा भी खाने गए और लौटकर फिर से गैंगरेप किया. पीड़िता ने अपने पिता के साथ 3 थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई, जबकि पीड़िता के पिता खुद पुलिसकर्मी हैं और मां सीआईडी में हैं.

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इसके बाद पीड़िता के पिता खुद पीड़िता को साथ ले घटनास्थल पर गए और दो आरोपियों को पकड़ भी लिया. केस दर्ज करने से आनाकानी करने और पीड़िता की शिकायत को फिल्मी कहानी बताने वाले 7 पुलिसकर्मियों को बाद में सस्पेंड भी किया गया. आईजी और एसपी का भी ट्रांसफर कर दिया गया.

पीड़िता ने हालांकि पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए रेप के दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को फटकार भी लगाई थी और पूरे घटनाक्रम को ट्रैजडी ऑफ एरर्स करार दिया था. पीड़िता का पहला मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने में भी गड़बड़ी सामने आई, जिसके चलते रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया था.

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