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बच्चा चोरी की अफवाहों से बिहार पुलिस परेशान, 20 से ज्यादा केस आए सामने

बिहार की राजधानी पटना में हाल के दिनों में बच्चा चोरी की अफवाह उड़ने की 20 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं. ये घटनाएं गांधी मैदान, दीघा, राजीवनगर, फुलवारी शरीफ, मोकामा, दुल्हिनबाजार, बाढ़ और नौबतपुर थाना क्षेत्र में हुई हैं.

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पुलिस सभी मामलों की छानबीन कर रही है ( सांकेतिक तस्वीर)
पुलिस सभी मामलों की छानबीन कर रही है ( सांकेतिक तस्वीर)

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बिहार में बच्चा चोरी की अफवाहों ने बिहार पुलिस मुख्यालय से लेकर थाना पुलिस के अधिकारियों तक की नींद उड़ा दी है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मानते हैं कि बच्चा चोरी की घटना होती नहीं है, लेकिन अफवाह के कारण भीड़ उन्मादी हो रही है. पुलिस हालांकि कानून तोड़ने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए लोगों को जागरूक करने जैसे कदम उठा रही है. बच्चा चोरी के अफवाह को लेकर इस कदर दहशत का माहौल बन गया है कि अभिभावक भी चिंतित हैं. बिहार में बच्चा चोरी करने का शक होते ही लोग उग्र हो जा रहे हैं.

बिहार में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं. सिर्फ पटना में हाल के दिनों में बच्चा चोरी की अफवाह उड़ने की 20 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं. ये घटनाएं गांधी मैदान, दीघा, राजीवनगर, फुलवारी शरीफ, मोकामा, दुल्हिनबाजार, बाढ़ और नौबतपुर थाना क्षेत्र में हुई हैं. इन घटनाओं में कम से कम दो बेकसूरों की जान जा चुकी है. पिटाई से घायल कई लोग आज भी मौत से जूझ रहे हैं.

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केस स्टडी नंबर-1

पटना के नौबतपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को बच्चा चोर होने के संदेह में ग्रामीणों ने एक राहगीर की पीट-पीटकर हत्या कर दी. इस मामले में हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. नौबतपुर के थाना प्रभारी सम्राट दीपक ने बताया कि इस मामले में 43 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ नौबतपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है.

केस स्टडी नंबर-2

पुलिस के मुताबिक, महमदपुर गांव के समीप से एक व्यक्ति गुजर रहा था, तभी कुछ लोगों ने इसे बच्चा चोर होने के शक में पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी. लाठी-डंडे से अधिक पिटाई होने के कारण उसकी मौत हो गई. पुलिस ने इस संबंध में भी कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. कार्रवाई की जा रही है.

बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय भी कहते हैं कि राज्य में बच्चा चोरी की एक भी घटना नहीं हुई है, महज अफवाह फैलाई जाती है. उनका कहना है कि बिहार में बच्चा की चोरी की एक भी घटना का साक्ष्य या मामला सामने नहीं आया है. केवल कुछ असामाजिक और शरारती तत्व अफवाह फैलाने में लगे हैं. इन पर प्रशासन की कड़ी नजर है. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि लोग ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें.

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DGP पांडेय का कहना है कि कुछ लोग ऐसी अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं. उन्होंने राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों, मुखियाओं, सरपंचों, पार्षदों और चौकीदारों से अपील की है कि वे आगे बढ़कर इन अफवाहों को 'काउंटर' करने की कोशिश करें.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनेर और नौबतपुर में बच्चा चोरी की अफवाह को लेकर हुई घटनाओं के बाद सोशल साइट्स के जरिए भी पुलिस जागरूकता अभियान चला रही है. बच्चा चोरी की अफवाहों से अभिभावक भी चिंतित हैं. कई अभिभावक अब अपने बच्चों को खुद स्कूल पहुंचाने और छुट्टी के बाद लेने जा रहे हैं.

पटना विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र की प्रोफेसर रह चुकीं भारती एस.कुमार कहती हैं कि ऐसा नहीं है कि बच्चे चोरी या उनकी खरीद-बिक्री या तस्करी बिहार में नहीं होतीं. हो सकता है कि इन दिनों ऐसी घटनाएं नहीं हुई हों, लेकिन केवल अफवाह सुनकर कानून को हाथ में लेना और किसी को सजा दे देना कहीं से उचित नहीं है.

जानकारों का मानना है कि राज्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ना केवल पुलिस को मुस्तैदी दिखानी होगी, बल्कि लोगों को भी जागरूक बनाना होगा. अन्यथा ऐसी घटनाएं आए दिन सामने आती रहेंगी.

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