बिहार में दागी, भ्रष्टाचारी और लापरवाह पुलिस वालों को चिन्हित कर उन्हें उनके पद से हटाने को लेकर पुलिस मुख्यालय ने बड़ी कार्रवाई की है. अब तक 380 थानेदारों और सर्किल इंस्पेक्टर को उनके पद से हटाया जा चुका है. आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से दागी छवि वाले पुलिस वालों को चिन्हित कर उन्हें उनके पद से हटाने की प्रक्रिया चल रही है.
इसी साल जुलाई के पहले हफ्ते में डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे के आदेश के बाद पुलिस महकमे में ऑपरेशन क्लीनअप की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत पूरे बिहार में दागी और भ्रष्टाचारी पुलिस वालों को चिन्हित किया गया था. इसके बाद इन दागी और भ्रष्टाचारी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई.
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी की गई सूची में जो जिले टॉप पर हैं, उनमें भोजपुर और रोहतास शामिल हैं. इन दोनों जिलों में सबसे ज्यादा दागी और भ्रष्टाचारी पुलिस अधिकारी पाए गए हैं. इन जिलों में दागी, भ्रष्टाचारी और लापरवाह पाए गए पुलिस कर्मियों की संख्या 27-27 है, जिनको पद से हटा दिया गया है.
इसके बाद पटना जिले में 19 पुलिस कर्मियों को दागी छवि का पाया गया, जिनके खिलाफ पुलिस मुख्यालय ने कार्रवाई की. इन 19 पुलिस वालों में 17 थानेदार और दो सर्किल इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी हैं. इसके साथ ही मोतिहारी में 15 पुलिस अधिकारियों और गया में 14 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
ऑपरेशन क्लीनअप के तहत पुलिस मुख्यालय ने कुछ मापदंड तय किए थे, जिसके आधार पर पुलिस कर्मियों को फिट नहीं पाए जाने के बाद उनके खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई की गई है.
पुलिस मुख्यालय ने ऐसे पुलिस वालों को दागी या लापरवाह होने की श्रेणी में डाला है, जिनके खिलाफ किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई लंबित है या फिर कोर्ट उन्हें दोषी करार दे चुका है. पुलिस मुख्यालय ने ऐसे पुलिस वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जो शराब बंदी कानून को प्रदेश में सख्ती से लागू कराने में लापरवाह साबित हुए हैं.