बुराड़ी कांड की तह तक पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच हरसंभव कोशिश में जुटी हुई है. भाटिया परिवार के घर से सारे सबूतों और साक्ष्यों को इकट्ठा करने के बाद अब पुलिस मृतकों के कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है. पुलिस ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल जब्त कर उनके कॉल रिकॉर्ड निकाले गए हैं और इन कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पूछताछ के लिए कुल 500 लोगों की सूची तैयार की गई है.
पुलिस ने बताया कि इनमें से अब तक करीब 100 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और अन्य 400 लोगों को भी बुलाकर पूछताछ की जाएगी. सीडीआर रिपोर्ट में पुलिस का फोकस अंतिम बीते 4-5 महीनों के कॉल रिकॉर्ड पर ज्यादा है.
बता दें कि यह वह अवधि है जिस दौरान पुलिस द्वारा उसके घर से जब्त किए गए दस्तावेज व नोट लिखे गए हैं. मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम के एक अधिकारी ने बताया, 'इन कॉल रिकार्ड्स के आधार पर 500 से ज्यादा लोगों की एक सूची तैयार की गई है और अलग-अलग टीम उन लोगों से पूछताछ करेगी.'
संदिग्ध महिला तांत्रिक भी हिरासत में
इस बीच शुक्रवार को पुलिस ने भाटिया परिवार के संपर्क में रहने वाली एक महिला तांत्रिक को हिरासत में लिया. हालांकि पूछताछ के दौरान गीता माता नाम की इस महिला तांत्रिक ने भाटिया परिवार से किसी तरह के ताल्लुकात से इनकार किया है.
बता दें कि यह महिला तांत्रिक भाटिया परिवार का घर बनाने वाले कॉन्ट्रैक्टर की बहन है और पूरे परिवार की सामूहिक आत्महत्या की योजना रचने वाले भाटिया परिवार के छोटे बेटे ललित ने मरने से पहले आखिरी बार इसी कॉन्ट्रैक्टर को फोन किया था.
पुलिस ने बताया कि भाटिया परिवार से इस गीता मां नाम की महिला तांत्रिक के ताल्लुकात रहे थे. इस महिला तांत्रिक का दावा है कि वह भूत-प्रेत भगाती है. पुलिस अब इस महिला तांत्रिक से पूछताछ कर रही है.
पुलिस अब महिला तांत्रिक से यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या उसे भाटिया परिवार की आत्महत्या की योजना के बारे में पता था, क्या कभी ललित या परिवार के किसी अन्य सदस्य ने इस तरह का कोई संकेत दिया था. पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि गीता माता का तंत्र विद्या में कितना दखल है.
पूरा परिवार कर रहा था मौत की रिहर्सल
अब तक की जांच में यह पूरा मामला धार्मिक अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र, मोक्ष से जुड़ा लग रहा है और इस पूरे अनुष्ठान के पीछे परिवार के छोटे बेटे ललित का दिमाग माना जा रहा है. पुलिस को घर से ललित की लिखी डायरियां और रजिस्टर मिले हैं, जिनमें इन मौतों के अहम राज छिपे हैं.
ललित की डायरी से ताजा खुलासा मौत की रिहर्सल से जुड़ा है, जिसके तहत यह पता चला है कि मृतक भाटिया परिवार ने 30 जून की रात से पहले 6 दिन तक फंदे पर लटकने का अभ्यास किया था.
ललित द्वारा 30 जून को लिखी गई डायरी से इस बात का खुलासा हुआ है कि परिवार ने मौत के फंदे पर लटकने से पहले 6 दिनों तक इसकी प्रैक्टिस की. इस दौरान वो इसलिए बच जाते थे क्योंकि प्रैक्टिस के दौरान परिवार के लोगों के हाथ खुले रहते थे. हालांकि डायरी में लिखी बात के अनुसार सातवें दिन यानी 30 जून की रात को सिर्फ ललित और उसकी पत्नी टीना के हाथ खुले थे और बाकि सबके हांथ बंधे हुए थे.
पुलिस को संदेह है कि ललित ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर परिवार के सभी सदस्यों के हाथ बांधे होंगे और सबके लटकने के बाद खुद भी फांसी पर लटक गए होंगे. डायरी के मुताबिक, भाटिया परिवार ने 24 जून से फंदे पर लटकने की प्रैक्टिस शुरू कर दी थी. ललित ने घर वालों को ये यकीन दिला रखा था कि 10 साल पहले मर चुके पिता भोपाल सिंह राठी अब भी घर आते हैं और उससे बाते करते हैं.