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झारखंडः पुलिस ने पेट्रोल पंप मालिक से बरामद किए 25 लाख, नक्सली कनेक्शन का शक

500 और 1000 रुपए के नोट बंद हो जाने से नक्सली और उग्रवादी संगठनों में खलबली मची हुई है. ये सभी इस जुगाड़ में हैं कि ब्लैक मनी को व्हाइट कैसे किया जाए. चूंकि वे लेवी का पैसा खुद बैंक में जमा नहीं करा सकते है. इसलिए पेट्रोल पंप संचालकों और बड़े व्यापारियों को अपना माध्यम बना रहे हैं. ऐसे ही एक मामले में पुलिस ने एक पेट्रोल पम्प के मालिक को 25 लाख की रकम के साथ गिरफ्तार किया है.

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पुलिस हर पहलू से मामले की छानबीन कर रही है
पुलिस हर पहलू से मामले की छानबीन कर रही है

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500 और 1000 रुपए के नोट बंद हो जाने से नक्सली और उग्रवादी संगठनों में खलबली मची हुई है. ये सभी इस जुगाड़ में हैं कि ब्लैक मनी को व्हाइट कैसे किया जाए. चूंकि वे लेवी का पैसा खुद बैंक में जमा नहीं करा सकते है. इसलिए पेट्रोल पंप संचालकों और बड़े व्यापारियों को अपना माध्यम बना रहे हैं. ऐसे ही एक मामले में पुलिस ने एक पेट्रोल पम्प के मालिक को 25 लाख की रकम के साथ गिरफ्तार किया है.

मामला रांची के बुंडू इलाके का है. पुलिस ने पेट्रोलपंप संचालक के पास मिले पैसे को लेकर दावा किया है कि यह पैसा प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई का है. पकड़े गए पेट्रोलपंप संचालक नंद किशोर यादव का नक्सलग्रस्त बेड़ो इलाके में एक पेट्रोल पम्प है. वह बैग में 25 लाख रुपये लेकर जा रहा था. तभी पुलिस ने उसे धरदबोचा.

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आरोप है कि यह पैसा प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप का है. जिसे अवैध तरीके से लेवी के तौर पर वसूल गया था. आरोपी पेट्रोल पंप संचालक नंद किशोर यादव इन पैसो को बैंक में जमा कराने जा रहा था. गोप के लोगों ने 500 और 1000 रुपये के नोट बैग में भरकर उसे बैंक में जमा कराने के लिए दिए थे. लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई.

रांची के एसएसपी कुलदीप दि्वेदी ने बताया कि इस मामले में 4 लोगों की गिरफ्तारी की गई है. उन सभी पर UAPA ACT तहत कार्रवाई की जा रही है. पुलिस को आशंका है कि नंद किशोर पीएलएफआई के लिए काम करता है. एसएसपी ने जिले की सभी थानों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है. काला धन को वैध बनाने वाले लोगों को पकड़ने के लिए एसआईटी का भी गठन किया गया है.

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