सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र आजमगढ़ के सरायमीर इलाके में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में 200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस बीच हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर जा रहे बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल को रोक लिया गया. स्थिति नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण है.
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत चौधरी ने बताया कि गांव में शनिवार की रात दो समुदायों के व्यक्तियों के बीच एक मुकदमे को लेकर हुई झड़प ने सांप्रदायिक रंग ले लिया. इस दौरान बड़ी संख्या में गांव पहुंचे एक समुदाय विशेष के हथियारबंद लोगों ने दूसरे वर्ग के घरों पर हमला बोल दिया और कई मकान फूंक डाले.
उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी के. के. सरोज, तहसीलदार और कुछ पुलिसकर्मी पथराव में घायल हो गए. पुलिस ने बलवाइयों को तितर-बितर करने के लिये आंसू गैस का सहारा लिया. रविवार को भी जगह-जगह हिंसा और आगजनी की वारदात जारी रहीं.
इस पूरे मामले में 21 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हिंसा प्रभावित इलाकों में दो कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स, 12 कंपनी पीएसी और कई थानों का पुलिस बल तैनात किया गया है. अन्य जिलों से भी पुलिस बल मंगाया जा रहा है. प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति अब सामान्य है.
इस बीच हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर जा रहे बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल को रास्ते में बाराबंकी जिले में रोक लिया गया. सभी को हिरासत में ले लिया गया है. प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के प्रान्तीय उपाध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ला, पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल, प्रदेश मंत्री जयप्रकाश निषाद और सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक राजेश राय शामिल हैं.