पंजाब के अमृतसर में शनिवार को देर शाम बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर कांग्रेस के निगम पार्षद गुरदीप सिंह पहलवान की हत्या कर दी. हैरानी वाली बात तो यह है कि 6 जून को घल्लूघारा दिवस मनाए जाने को लेकर पूरे शहर में पुलिस हाई अलर्ट पर है. इसके बावजूद बदमाश सरेआम हत्या कर आसानी से फरार हो गए.
पुलिस ने बताया कि गुरदीप पहलवान गोल बाग क्षेत्र में स्थित एक अखाड़े में कुश्ती देखकर बाहर निकल रहे थे, तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दीं. बदमाशों ने कुल 16 राउंड फायर किए.
घायल अवस्था में कांग्रेस पार्षद को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस उपायुक्त जगमोहन सिंह ने बताया कि पुलिस को संदेह है कि पहलवान और गैंगस्टर जग्गू भगवान पुरिया के बीच पुरानी रंजिश थी और वही इस हमले के पीछे है.
बता दें कि घल्लूघारा दिवस के मद्देनजर शहर में पुलिस हाई अलर्ट पर है और घटना वाले दिन राज्य के DGP सुरेश अरोड़ा खुद अमृतसर में मौजूद थे. इतना ही नहीं शहर में रैपिड ऐक्शन फोर्स और आईटीबीपी की कई कंपनियां भी तैनात हैं. इसके बावजूद बदमाश खुलेआम हत्या कर आसानी से फरार हो गए.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में कहा गया है कि कांग्रेस पार्षद गुरदीप सिंह रोज गोलबाग स्थित अखाड़े में कुश्ती की प्रैक्टिस करने जाते थे. जिससे शक किया जा रहा है कि बदमाश काफी समय से गुरदीप पहलवान की दिनचर्या पर नजर रख रहे थे.
जग्गू गैंग पहले दे चुका था धमकी
पुलिस जिस गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया पर गुरदीप पहलवान की हत्या करवाने का शक कर रही है, उसने गुरदीप को जान से मारने की धमकी दी थी. जग्गू भगवानपुरिया ने 2014 में गुरदीप पहलवान के करीबी गैंगस्टर संजीप कुमार उर्फ बब्बा की हत्या भी कर चुका है. जग्गू भगवानपुरिया की धमकी मिलने के बाद से गुरदीप पहलवान हमेशा अपने साथ चार निजी गनमैन लेकर चलते थे.