उत्तराखंड का जो स्कूल वासु हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आया, वहां पहले भी बच्चों के साथ जुल्म होता रहा है. बाल संरक्षण आयोग की जांच में खुलासा हुआ है कि उसी स्कूल में साल 2012 में सातवीं क्लास की एक बच्ची के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया गया था. जिसे उस दौरान स्कूल प्रबंधन ने दबा दिया था.
उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने खुलासा करते हुए बताया 'हमें पता चला है कि इसी स्कूल में साल 2012 में सातवीं क्लास में पढ़ने वाली एक लड़की के साथ रेप हुआ था. रेप करने वाला कोई छात्र या बाहरी शख्स नहीं बल्कि स्कूल का ही एक स्टाफ था. लेकिन उस केस में कुछ भी कार्रवाई नहीं हुई. स्कूल प्रबंधन ने इस मामले को दबा दिया था, और बच्ची को न्याय नहीं मिला.'
इसके अलावा ऊषा नेगी ने एक और मामले के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि साल 2017 में इसी स्कूल के कुछ बच्चे ट्रिप पर टिहरी गढ़वाल के नरेंद्र नगर गए थे. जहां एक बच्चा गायब हो गया था. आज तक वो बच्चा नहीं मिला. इस मामले में भी स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई थी.
वासु यादव का मर्डर होया बच्ची का रेप या फिर ट्रिप से बच्चा गायब होने का मामला. इन सभी मामलों के बारे में ज्यादा जानकारी लेने के लिए बाल संरक्षण आयोग की टीम ने रानीपोखरी पुलिस स्टेशन से संपर्क किया है. थाना रानी पोखरी के एसएचओ पीडी भट्ट ने बताया कि साल 2012 में स्कूल की बच्ची से रेप के मामले में किसी भी तरह की कोई एफआईआर नहीं हुई थी. न ही किसी ने इस मामले को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की गई थी.
सूत्रों ने पिछली दोनों घटनाओं की पुष्टि की है. गायब बच्चे के मामले में पुलिस ने बताया कि एक-दो हफ्ते तक बच्चे को खोजने की कोशिश की गई थी, लेकिन उस बच्चे का कुछ अता-पता नहीं चला.
अब वासु यादव की हत्या के मामले में पुलिस छानबीन कर रही है. दो छात्रों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि अभी भी स्कूल प्रबंधन बच्ची से रेप की घटना को गलत बता रहा है. बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि स्कूल से जुड़े इन सभी आपराधिक मामलों को बिना जांच के नहीं छोड़ा जाएगा. दोषियों को सजा ज़रूर मिलेगी.