दिल्ली से सटे फरीदाबाद में एक प्रॉपर्टी डीलर को पटना से बुलाकर हत्या करने का मामला सामने आया है. पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह हत्या प्रॉपर्टी और पैसों के लेनदेन के चलते की गई है. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम करवा लिया गया है.
वहीं फरीदाबाद पुलिस पर लापरवाही बरतने के आरोप भी लगे हैं. पटना में प्रॉपर्टी डीलर का काम करने वाले प्रवीण कुमार ने गोली लगने के बाद घायल अवस्था में पुलिस और पटना में अपने एक मित्र को फोन कर बचाने की गुहार लगाई. लेकिन फरीदाबाद पुलिस की तरफ से उसे कोई मदद नहीं मिली.
मृतक के साले रंजीत कुमार ने भी फरीदाबाद पुलिस पर आरोप लगाया है कि अगर समय पर मदद मिल जाती तो प्रवीण की जान बचाई जा सकती थी. परिजनों ने भी आरोप लगाया है कि फरीदाबाद पहुंचने के बाद वे फरीदाबाद पुलिस को जंगल की लोकेशन बताते रहे, लेकिन पुलिस उन्हें 6 घंटे तक बरगलाती रही.
पुलिस ने बताया कि मृतक प्रवीण कुमार के पेट में गोलियां मारी गई हैं. गोली मारने से पहले उसके साथ मारपीट भी की गई है. अनखीर पुलिस चौकी के इंचार्ज रणधीर सिंह ने बताया कि प्रतीत होता है कि यह हत्या प्रॉपर्टी विवाद में की गई है. शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है.
मृतक के भाई श्रवण कुमार ने बताया कि पटना के बैरिया में प्रॉपर्टी डीलर का काम करने वाले प्रवीण ने अपने ही जिले के रहने वाले वरुण सिंह से उसने एक जमीन 1.36 करोड़ रुपए में खरीदी थी. प्रवीण ने वरुण की पूरी पेमेंट भी कर दी थी. लेकिन रजिस्ट्री कराने का समय आया तो वरुण भाग गया.
श्रवण कुमार ने बताया कि इस पर प्रवीण ने वरुण के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया. उसी रंजिश में वरुण ने प्रवीण की हत्या की है. वरुण ने रुपया लौटाने के बहाने दिल्ली बुलाया. उसने प्रवीण को मोबाइल पर 28 नवंबर को हवाई जहाज का टिकट भेजा और 29 नवंबर को दिल्ली आने के लिए कहा.
दिल्ली पहुंचने पर वरुण अपने एक साथी अजय यादव के साथ प्रवीण को फरीदाबाद में पाली-सूरजकुंड रोड से सटे जंगलों की ओर ले गया और गोली मारकर हत्या कर दी. जंगल में ले जाने के बाद आरोपियों ने पहले प्रवीण को पीटा, फिर 2 गोली मारकर उसकी लाश वहीं जंगल में फेंककर चले गए.
हालांकि गोली लगने के बाद भी प्रवीण काफी देर जिंदा रहा. उसने घायल अवस्था में पटना में अपने एक मित्र को फोन किया और बचाने की गुहार लगाई. वहीं मृतक के साले रंजीत ने बताया कि वह सेलुलर कंपनी में काम करता है. उसने प्रवीण के मोबाइल की लोकेशन निकालकर पुलिस को बताई, लेकिन पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, नहीं तो प्रवीण की जान बचाई जा सकती थी.