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'बिना पढ़ाई जिंदा नहीं रह सकती', लॉकडाउन में तबाह हुआ परिवार तो लेडी श्रीराम की छात्रा ने दी जान

इस परिवार का माली हालत लॉकडाउन के दौरान इतनी गड़बड़ा गई कि एश्वर्या की छोटी बहन को 7वीं कक्षा की पढ़ाई छोड़नी पड़ी. पढ़ाई-लिखाई में बेहद प्रतिभाशाली रही एश्वर्या ने अपने स्कूल में टॉप किया था, वो अपने शहर में दूसरे स्थान पर आई और मेरिट के दम पर देश के टॉप कॉलेज में दाखिला ली.

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मृतक एश्वर्या दिल्ली के LSR में पढ़ती थी (फोटो- आजतक)
मृतक एश्वर्या दिल्ली के LSR में पढ़ती थी (फोटो- आजतक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली की LSR की छात्रा ने की खुदकुशी
  • लॉकडाउन में खराब हो गई थी आर्थिक स्थिति
  • लैपटॉप भी नहीं खरीद पाई थी एश्वर्या

देश की राजधानी दिल्ली के प्रीमियम कॉलेज में शुमार लेडी श्रीराम कॉलेज की एक छात्रा एश्वर्या ने खुदकुशी कर ली है. एश्वर्या एक बेहद गरीब पृष्ठभूमि से आने वाली छात्रा है. 

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एश्वर्या तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले की रहने वाली है. उसने 2 नवंबर को अपने घर में खुदकुशी की थी. उसके सुसाइड नोट में मार्मिक विवरण है. एश्वर्या के पिता श्रीनिवास रेड्डी ऑटो मैकेनिक हैं जबकि उनकी मां कपड़े सिलने का काम करती हैं. 

एश्वर्या IAS बनना चाहती थी, लेकिन लॉकडाउन ने उसके सपने पर करारा प्रहार किया. उसके घर की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई थी और पढ़ाई के लिए उसकी दिल्ली वापसी पर प्रश्नचिह्न लग गया था.  

इस परिवार का माली हालत लॉकडाउन के दौरान इतनी गड़बड़ा गई कि एश्वर्या की छोटी बहन को 7वीं कक्षा की पढ़ाई छोड़नी पड़ी. पढ़ाई-लिखाई में बेहद प्रतिभाशाली रही एश्वर्या ने अपने स्कूल में टॉप किया था, वो अपने शहर में दूसरे स्थान पर आई और मेरिट के दम पर देश के टॉप कॉलेज में दाखिला ली. 

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एश्वर्या ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, "मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है, मैं अपने परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहती हूं, मैं पढ़ाई के बिना जिंदा नहीं रह सकती हूं, मैं इसके बारे में सोच रही थी और अब मुझे लगता हैं कि मौत ही मेरी लिए एक मात्र रास्ता रह गया है."

एश्वर्या आगे लिखती है कि उसके मम्मी पापा उसे माफ करें, वो अच्छी बेटी नहीं बन सकी है. लेडी श्रीराम कॉलेज में गणित की छात्रा एश्वर्या के पास पैसों की इतनी किल्लत थी कि वो लैपटॉप नहीं खरीद सकी थी. एश्वर्या ने अभिनेता सोनू सूद को पत्र लिखकर मदद मांगी थी. उन्होंने पत्र में लिखा था कि लैपटॉप के बिना वो ऑनलाइन क्लास नहीं कर पा रही थी, उसके प्रैक्टिकल नहीं हो पा रहे थे.   

 

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