दिल्ली में रहने वाले एक शख्स के पास सोमवार की रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर उसके बेटे के फोन से एक एसएमएस आया. एसएमएस में लिखा था, "अपने बच्चे को जिंदा देखना है तो कल तक 5 लाख का इंतजाम करके रख." अपने फोन पर बेटे के फोन से आया ये मैसेज देख कर उस पिता के होश उड़ गए. उन्होंने फौरन अपने बेटे के नंबर पर कॉल किया लेकिन फोन स्विच ऑफ था. पिता ने फौरन दिल्ली पुलिस के पास जाकर फोन में आया मैसेज दिखाया और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई.
मामला दिल्ली के बुद्धविहार थाना इलाके का है. जहां रहने वाले विनोद ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने आईआईटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली है. वह नोएडा की एक कंपनी में काम करता है. वो शाम को 6 बजे एटीएम से पैसे निकालने गया था, लेकिन 8 बजे तक लौटकर नहीं आया तो उसके फोन पर कॉल किया लेकिन उसका फोन बंद था. फिर 20 मिनट के बाद ठीक 8 बजकर 20 मिनट पर फिरौती का वो मैसेज आया, जो उन्होंने पुलिस को दिखाया.
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मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने फौरन 2 टीम बनाई और तफ्तीश शुरू की. पुलिस ने घर से लेकर एटीएम तक लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. एक फुटेज में वो लड़का अकेले ही जाते हुए नजर आया. लेकिन एक दूसरे कैमर की फुटेज में वह एटीएम जाने की बजाय एक गली में मुड़ गया, उसके बाद वो किसी सीसीटीवी कैमरे की नजर में नहीं आया.
वहीं पुलिस की दूसरी टीम उस लड़के के मोबाइल की डिटेल खंगालने में लगी थी. उसके जरिए पुलिस को पता लगा कि उसके पास एक और फोन नंबर था. लेकिन उस नंबर के बारे में परिवार को जानकारी नहीं थी. पुलिस ने जब दूसरे नंबर की डिटेल निकाली तो पता लगा कि वो फोन 8 बजकर 47 मिनट तक एक्टिव था और आखिरी में सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर बंद हुआ.
तब पुलिस ने स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. पर कुछ नहीं मिला. लेकिन पुलिस को उस लड़के के नाम से जोधपुर जाने वाली ट्रेन के यात्रियों की सूची में एक नाम दिखा. दिल्ली पुलिस ने तुरंत अलवर जीआरपी से संपर्क किया, लेकिन अलवर पुलिस ने तस्दीक करने के बाद बताया कि ये वो लड़का नहीं है. इसके बाद पुलिस ने एक बार फिर से स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को फ्रेम बाई फ्रेम देखा तो उन्हें वो लड़का जनरल बोगी में चढ़ता हुआ नजर आ गया.
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दिल्ली पुलिस ने फौरन जयपुर जीआरपी से संपर्क किया और उन्हें उस इंजीनियर लड़के का फोटो भी भेज दिया. नतीजा ये हुआ कि जयपुर में पुलिस टीम ने उसे ट्रेन से बरामद कर लिया. इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम परिवार वालों के साथ जयपुर पहुंची और उसे लेकर दिल्ली वापस आ गई.
पूछताछ में उस लड़के ने पुलिस को बताया कि उसने 2017 में ही आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर ली थी. इसके बाद उसने गुड़गांव की एक कंपनी में नौकरी भी शुरू कर दी थी. लेकिन वो आईआईएम से एमबीए करना चाहता था. लेकिन दो बार कोशिश करने पर भी उसका चयन वहां नहीं हुआ. इसकी वजह से वो डिप्रेशन का शिकार हो गया. इसीलिए वो खुदकुशी करने के इरादे से घर से निकला था.
इंजीनियर ने पुलिस को बताया कि उसने घरवालों को जान बूझकर कर फोन पर अपहरण का मैसेज किया था. सारे घटनाक्रम की तस्दीक करने के बाद पुलिस ने उसकी काउंसलिंग कराई. इसके बाद उसे उसके घरवालों के सुपुर्द कर दिया गया.