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दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा माओवादियों का कारतूस सप्लायर

 दिल्ली पुलिस की स्पेशल से अजित रे की जांच, गिरफ्तार नक्सली रोना विल्सन और कमांडर नर्मदा अक्का से उसके संबंध के एंगल से भी कर रही है.

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नक्सलियों का कारतूस सप्लायर अजित रे
नक्सलियों का कारतूस सप्लायर अजित रे

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छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की कई घटनाएं सामने आईं. कई जगहों पर माओवादी हमले की भी खबरें आई. इसी बीच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो नक्सलियों को कारतूस सप्लाई करता था.

नक्सली अजित रे पिछले की उम्र करीब 48 साल है और वो 1992 से नक्सलियों के अलग-अलग कमांडरों के लिए कारतूस सप्लाई का काम किया करता था. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बीते शुक्रवार अजित रे को गढ़चिरौली से गिरफ्तार किया और उसके पास से 45 कारतूस बरामद किए.

दरअसल जुलाई के महीने में स्पेशल सेल ने रामकृष्ण सिंह को पकड़ा था जिसके पास से 407 कारतूस बरामद किए गए थे और 13 oct को संजय सिंह को 22 कारतूस के साथ पकड़ा था. दोनों ने पूछताछ में बताया कि अजित रे नक्सलियों को कारतूस सप्लाई करता है.

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स्पेशल सेल के मुताबिक अजित रे 1992 से नक्सलियों के साथ काम कर रहा था और शुरूवाती दौर में लोकल कमांडर संतोष अन्ना के साथ रहता था. लेकिन हाल ही में नक्सली अजित रे नक्सली कमांडर साई नाथ से जुड़ गया था. आपको बता दे नक्सली कमांडर साई नाथ को अप्रैल के महीने में सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था, इस मुठभेड़ में 40 नक्सली मारे गए थें.

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में फिर नक्सली हमला: CISF की गाड़ी उड़ाई, 1 जवान समेत 5 की मौत

नक्सली आजीत रे को इससे पहले भी 4 बार गिरफ्तार किया जा चुका है. साल 1991 और 1992 में उसे नक्सली गतिविधियों में शामिल होने पर गिरफ्तार किया गया था.  वहीं 2005 में उड़ीसा के नवरंगपुर में नकली नोट के केस में, जबकि 2008 में भी ओडीशा में ही हथियार सप्लाई के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है.

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के मुताबिक नक्सली कमांडर साई नाथ के मारे जाने के बाद अजित नई कमांडर बनी नर्मदा अक्का के संपर्क में आ गया. और पिछले कुछ समय से नर्मदा अक्का के लिए कारतूस सप्लाई का काम करता था. फिलहाल स्पेशल सेल अजित रे से पूछताछ कर रही है. स्पेशल सेल को आशंका है कि वो नक्सलियों के बारे में काफी अहम जानकारी साझा कर सकता है. साथ ही पुलिस भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले भी अजीत रे पूछताछ कर सकती है.

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