दिल्ली के ख्याला इलाके में हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर के मामले में दिल्ली पुलिस ने पीड़ित परिवार को मदद पहुंचाने की पहल की है. दिल्ली पुलिस की डीसीपी मोनिका भारद्वाज की टीम ने आगे बढ़कर अपने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर मार्केट वेलफेयर और रेजिडेंट वेलफेयर की मदद से एक धन राशि इकट्ठा कर दोनों बच्चों को सुपुर्द किया.
दिल्ली पुलिस ने दोनों बच्चों के नाम पर अलग अलग बैंक अकाउंट खुलवाकर पासबुक हैंड ओवर किया. अब जो भी सहायता राशि आएगी वह इस अकाउंट में पहुंचेगी, इससे इन रुपयों का दुरुपयोग नहीं हो सकेगा. वहीं इस मामले में शुक्रवार को पूरे दिन चौक पर धरना प्रदर्शन चलता रहा.
डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने बताया कि पुलिस पहले ही इस मामले में आरोपी आजाद को गिरफ्तार करके तिहाड़ जेल भेज चुकी है और जल्द से जल्द इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल करेगी. दिल्ली पुलिस के मुताबिक अनाथ हुए छोटे भाई बहन के भरण पोषण और अच्छे जीवन के लिए मदद की जा रही है. 8 साल की बच्ची को निर्मल छाया में भेजा जाएगा, जबकि उसके नाबालिग भाई को डॉन बॉस्को में. इन दोनों बच्चों की परवरिश के लिए कई एनजीओ से भी पुलिस ने संपर्क किया है और उनकी सहायता के लिए उन्हें आगे आने को कहा है.
शनिवार को स्थानीय विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा भी घटनास्थल पहुंचे और उन्होंने अनाथ बच्चों से मुलाकात की. विधायक ने दोनों बच्चों के 12वीं तक की पढ़ाई के लिए समुचित इंतजाम करने का भरोसा दिलाया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में वह दिल्ली सरकार की मुखिया अरविंद केजरीवाल से बात करेंगे और उनसे भी ज्यादा से ज्यादा सहयोग देने की अपील करेंगे.
बता दें कि ख्याला के इस हत्याकांड में आजाद नाम के एक शख्स ने पति-पत्नी और उनके बड़े बेटे की दर्दनाक हत्या कर दी थी. बता दें कि इन दोनों परिवारों में अक्सर झगड़ा होता रहता था. घटना के दिन झगड़े की शुरुआत मंडी में हुई जहां पर आरोपी आजाद की पिटाई कर दी गई थी इसके बाद आजाद ने घर पहुंच कर तीनों का कत्ल कर दिया था. इस जघन्य हत्याकांड में दो छोटे-छोटे दो भाई बहन अनाथ हो गए हैं.