दिल्ली पुलिस ने ज्योति नगर इलाके में हुई 10 साल के बच्चे की अपहरण की गुत्थी सुलझा ली है. अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के परिजनों से एक करोड़ की फिरौती की मांगी थी. 70 लोगों की पुलिस टीम ने 24 घंटे के अंदर बच्चे को बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस अपहरण का साजिशकर्ता बच्चे का फुफेरा भाई ही निकला.
जानकारी के मुताबिक, राजधानी के ज्योति नगर इलाके में प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले खालिद के घर एक बार फिर खुशियां लौट आई हैं. दो दिन पहले उनके 10 साल के बेटे का अपहरण कर लिया गया था. अपहरणकर्ताओं ने खालिद से एक करोड़ की फिरौती की मांग की थी. खालिद तुरंत पुलिस को सूचित किया. पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए टीम गठित कर दी.
पिता ने बताया कि पीड़ित बच्चा अपनी बहन के साथ ट्यूशन के लिए जा रहा था. रास्ते में उसके पास एक शख्स आया. उसने कहा कि उसके बड़े पापा बुला रहे हैं. इसके बाद बच्चा उस अनजान शख्स के साथ चला गया. वह शख्स बच्चे को बस से लेकर पहले पानीपत गया. वहां रात भर एक सराय में रुका. दिल्ली वापस आकर अलग-अलग जगहों पर रुका.
इसी बीच दिल्ली पुलिस ने बच्चे की तलाश में 70 लोगों की टीम का गठन करके रात-दिन एक कर दिया. बच्चे की तलाश में लगी पुलिस को एक के बाद एक कड़ियां मिलती गईं. इस तरह बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया. अपहरण के आरोप में दानिश, तारिक और मोहसिन को गिफ्तार कर लिया गया. अपहरण की साजिश मोहसिन ने रची थी.
बताते चलें कि इसी तरह दिल्ली पुलिस ने 21 साल के एक लड़के को 34 घंटे के अंदर बरामद कर लिया था. इसके साथ ही एक अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार किया था. पिछले साल 6 अक्टूबर को पुलिस को कॉल मिली थी कि न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से एक लड़के को कुछ लोग मारपीट कर उठा ले गए हैं. फोन करके फिरौती के 18 लाख मांग रहे हैं.
महबूब नामक शख्स ने थाने में दर्ज शिकायत में दावा किया था कि आरोपियों में एक शख्स सलमान को वो पहचानता है. महबूब और फिरोज दोनो वर्क परमिट पर लोगों को दुबई भेजने का काम करते हैं. इन दोनों ने कुछ दिनों पहले सलमान नामक आदमी को दुबई भेजा था, जिसके 90 हजार रुपये भी लिए थे. सलमान कुछ दिन में वापस आ गया.
इसके बाद अब सलमान दोबारा जाने की बात कह रहा था, लेकिन पैसे नहीं दे रहा था. इसके बाद 6 अक्टूबर को वह 5 लोगों के साथ आया और मारपीट करके फिरोज को उठा ले गया. इसके बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि सारे बदमाश बुलंद शहर के हैं. पुलिस टीम बुलंदशहर पहुंच गई. वहां सभी आरोपियों की पहचान हो गई.
पता चला कि आरोपी सैंट्रो और वैगन आर कार से घूम रहे हैं. इसके बाद पुलिस के पता लगा कि सभी पास के एक गांव में हैं. पुलिस ने फौरन वहां रेड की और आरोपी सलमान को गिरफ्तार करके फिरोज को सकुशल बचा लिया. दिल्ली पुलिस की इस मुस्तैदी की वजह से एक लड़के की जान और परिजनों का पैसा बचा गया था.