दिल्ली पुलिस ने दो ऐसे ठगों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सेना का अफसर बता कर ऑनलाइन विक्रेताओं को फर्जीवाड़े का शिकार बनाते थे. आरोपियों ने ठगी का शिकार बनाते हुए QR कोड का उपयोग करके पीड़ित के बैंक खातों से स्वाइप कर पैसा निकाल लिया.
शाहदरा पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के आधार पर इन लोगों की गिरफ्तारी की गई. अपने बयान में, शिकायतकर्ता ने कहा था कि उसने अपने घरेलू उत्पादों के विज्ञापन ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर पोस्ट किए थे.
उसके बाद एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया गया जिसने सेना अधिकारी होने का दावा किया था. कीमत पर बातचीत करने के बाद, अभियुक्त ने शिकायतकर्ता को एक फर्जी QR कोड भेजा और उसे स्कैन करने के लिए कहा. जब शिकायतकर्ता ने क्यूआर कोड स्कैन किया, तो उसके बैंक खाते से 1,76,500 रुपये की राशि कट गई.
इसके बाद पीड़ित ने दिल्ली पुलिस साइबर सेल से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई. संदिग्धों द्वारा शिकायतकर्ता के साथ साझा की गई जानकारी के आधार पर, साइबर सेल उस बैंक खाते का पता लगाने में कामयाबी हो गई जिसमें चोरी किए गए पैसों को ट्रांसफर किया गया था. पुलिस टीम ने यह भी पता लगाया कि चोरी की रकम को निकालने के लिए संदिग्ध निर्दोष लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे.
गहन जांच के बाद साइबर सेल ने फरीदाबाद के सेक्टर -17 निवासी 25 वर्षीय इमरान को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान इमरान ने जुर्म कबूल किया और साइबर सेल को बताया कि उसका चाचा लियाकत इस रैकेट का मास्टरमाइंड है.
इमरान द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के आधार पर, उत्तर प्रदेश के मथुरा में गोवर्धन पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत एक छापेमारी की गई और 54 वर्षीय लियाकत को गिरफ्तार कर लिया गया.
दौलतपुर गांव के रहने वाले लियाकत से पुलिस ने संदिग्ध खाते से संबंधित दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड, एक बैंक पासबुक और एक चेकबुक भी बरामद की है.
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