दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर भाई बहन का पर्दाफाश किया है, जिन्होंने दस वर्षों में कई लोगों के साथ करोड़ों की ठगी को अंजाम दे डाला. पुलिस ने शातिर भाई को गिरफ्तार कर लिया है. वो पिछले चार माह से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था. हालांकि उसकी बहन अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर है.
पश्चिमी दिल्ली की कीर्ति नगर थाना पुलिस ने शातिर ठग संदीप भास्कर को आखिरकार गिरफ्तार कर ही लिया. संदीप पिछले चार महीनों से पुलिस के साथ आंख मिचौली खेल रहा था. संदीप भास्कर ने अपनी बहन के साथ मिलकर पिछले 10 सालों में कई लोगों के साथ करोड़ों रुपये की जालसाजी की है.
भाई-बहन का ये गिरोह इतना शातिर है कि पश्चिमी दिल्ली के स्पेशल स्टाफ, साइबर सेल और थाना पुलिस ने इन दोनों भाई-बहन की तलाश में चार महीनों में दर्जनों बार छापे की कार्रवाई की. लेकिन हर बार ये भाई बहन पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो जाते थे.
पुलिस ने उन दोनों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास कर रही थी. आखिरकार पुलिस ने संदीप भास्कर को दिल्ली के एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार कर ही लिया. लेकिन उसकी बहन पुलिस के हाथ नहीं लग पाई. संदीप भास्कर पर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में धोखाधड़ी के दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं. जबकि उसकी बहन के खिलाफ़ दिल्ली में कई मामले दर्ज हैं.
आरोपी की शातिर बहन अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर है. पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश कर रही है. पुलिस जांच में सामने आया है कि संदीप भास्कर अलग-अलग नामों से चार पेन कार्ड यूज कर रहा था. उसने अपनी बहन के साथ मिलकर कई बैंको को भी करोड़ों का चूना लगाया.
संदीप ही इस गिरोह का मास्टरमाइंड है. उसने कुछ सालों पहले वसंत कुंज में रहने वाले एक 95 साल के बुजुर्ग के साथ 35 करोड़ से ज्यादा की धोखाधडी की थी. यही नहीं संदीप ने उस बुजुर्ग को जान से मारने का प्रयास भी किया था. उसके खिलाफ इस संबंध में वसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज है.
संदीप से लगातार पूछताछ जारी है. साथ ही पुलिस अब उसकी बहन को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दोनों भाई बहनों ने मिलकर अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है.