दिल्ली से अगवा हुए डॉक्टर और उसके कम्पाउण्डर को पुलिस ने यूपी एसटीएफ की मदद से सकुशल बरामद कर लिया है. बदमाशों ने दोनों को अगवा करके उनके परिवार से 25 करोड़ की फिरौती मांगी थी. इस संबंध में पुलिस ने यूपी के एटा जिले से सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है. जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है.
दिल्ली से बदमाशों के एक गिरोह ने बीती 13 सितम्बर की देर शाम डॉक्टर विनोद कुमार वर्मा और उनके कम्पाउण्डर अजय का अपहरण कर लिया था. इस अपहरण की साजिश दो माह पहले ही रची गई थी. दिल्ली पुलिस और यूपी एसटीएफ ने एक संयुक्त अभियान के तहत डॉक्टर और कम्पाउण्डर को मुक्त कराया.
पुलिस के मुताबिक 13 सितम्बर को बाइक सवार कुछ बदमाशों ने डॉक्टर की कार में दो बार टक्कर मारी. डॉक्टर ने जब रुक कर आरोपियों से वजह पूछी तो उन्होंने हथियारों के बल पर उन दोनों को बंधक बना लिया था. डॉक्टर शोर न मचाए इसके लिए बदमाशों ने उन दोनों को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया था.
दिल्ली के जैतपुर इलाके में क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर विनोद जब देर रात तक घर नहीं लौटे तो परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराई. इसी बीच 14 सितम्बर को बदमाशों ने डॉक्टर के घर वालों को फोन करके 25 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. मगर बाद में बदमाशों और परिवार के बीच दोनों की रिहाई का सौदा 39 लाख रुपये में तय हो गया.
इधर मामले की जांच में जुटी पुलिस को फोन कॉल ट्रेस करने के बाद बदमाशों की लोकेशन यूपी के एटा जिले में मिली. पुलिस की टीम एटा पहुंच गई और यूपी एसटीएफ से मदद मांगी. आखिरकार पुलिस को सफलता मिल ही गई. दिल्ली पुलिस के जॉइंट सीपी आरपी उपाध्याय ने बताया कि फिरौती की बात 25 करोड़ से शुरु होकर 40 लाख पर खत्म हुई.
बदमाशों ने पुलिस को गुमराह करने के कई बार फोन लोकेशन बदलने की कोशिश की. परिवार को पैसे लेकर एटा से अलीगढ़ के कई इलाकों में बुलाया. पुलिस बैकअप के साथ परिवार बदमाशों की बताई जगह पर गया भी लकिन बदमाश चकमा देते रहे.
पुलिस को शक है कि इस गिरोह में 15 बदमाश शामिल हो सकते हैं. पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन मुख्य आरोपी फरार है. उसकी गिरफ़्तारी के बाद ही ये साफ़ हो पाएगा कि अब तक इस गिरोह ने कितनी वारदातों को अंजाम दिया है.