scorecardresearch
 

फोन कॉल्स के जरिए दिल्ली में आतंक फैलाने की साजिश में खालिस्तानी आंतकी

गुरपटवंत की दर्जनों खालिस्तानी समर्थक वेबसाइटस और सोशल मीडिया अकाउंट्स सस्पेंड किए जाने के बाद अब वह सीधे रिकॉर्डेड फोन कॉल्स के जरिए खलिस्तान के नाम पर आतंकवाद फैला रहा है. दिल्ली में ऐसे कॉल आने शुरू हो गए हैं.

Advertisement
X
पिछले महीने 2 खालिस्तानी समर्थक पंजाब से पकड़े गए थे (फाइल-पीटीआई)
पिछले महीने 2 खालिस्तानी समर्थक पंजाब से पकड़े गए थे (फाइल-पीटीआई)

Advertisement

  • यूएस के बाद बेल्जियम से भी आ रही रेफरेंडम 2020 की कॉल
  • रिकॉर्डिड फोन कॉल्स से सिख सैनिकों को भड़काने की कोशिश
  • रेफरेंडम 2020 नकारे जाने के बाद दिया जा रहा पैसों का लालच
गृह मंत्रालय द्वारा डेजिग्नेटिड खालिस्तानी आतंकवादी घोषित होने और पंजाब के अमृतसर और कपूरथला में दो आपराधिक मामले दर्ज होने के बाद सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का आतंकवादी गुरपटवंत सिंह पन्नू बौखला गया है.

गुरपटवंत की दर्जनों खालिस्तानी समर्थक वेबसाइटस और सोशल मीडिया अकाउंट्स सस्पेंड किए जाने के बाद अब वह सीधे रिकॉर्डेड फोन कॉल्स के जरिए खलिस्तान के नाम पर आतंकवाद फैला रहा है.

भारत सरकार, पंजाब सरकार के अलावा पत्रकारों और पुलिस अधिकारियों को लगातार धमकियां दे रहा गुरपटवंत जब पंजाब और हरियाणा में रेफरेंडम 2020 के लिए समर्थन हासिल नहीं कर पाया तो उसने रिकॉर्डिंग कॉल्स का सहारा लेना शुरू कर दिया.

Advertisement

पाकिस्तान से भी आ रही कॉल्स

कभी न्यूयॉर्क, कभी बेल्जियम तो कभी पाकिस्तान से फोन कॉल करवाई जा रही है. पंजाब और हरियाणा के लाखों लोगों को प्रतिदिन तीन से चार बार फोन कॉल्स आ रही है. इन रिकॉर्डेड फोन कॉल्स में गुरपटवंत पंजाब को भारत से आजाद करवाने की बात करता है.

यही नहीं, जब यह आतंकवादी लोगों से समर्थन नहीं जुटा पाया तो उसने लोगों को पैसों का लालच देना भी शुरू कर दिया.

पहले कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को 5,000 रुपये देने का लालच दिया गया और अब सैनिकों को वेतन के अलावा 5,000 रुपये अतिरिक्त देने का लालच दिया जा रहा है.

पंजाब के नेताओं के निशाने पर गुरपटवंत सिंह पन्नू

हाल ही डेजिग्नेटिड आतंकवादी घोषित होने के बाद अब खालिस्तानी आतंकवादी गुरपटवंत पंजाब के राजनेताओं के निशाने पर भी है.

भारतीय जनता पार्टी के नेता विनीत जोशी ने सीधे तौर पर कहा कि गुरपटवंत सिंह पन्नू न तो खुद एक सिख है न उसके पास सिख होने की कोई पहचान है. वह खालिस्तान के नाम पर सिखों की पहचान को दागदार कर रहा है.

उन्होंने कहा कि कहने को उसके संगठन का नाम सिखस फॉर जस्टिस है लेकिन असल में वह सिखों के साथ अन्याय कर रहा है.

Advertisement

उसे न तो पंजाब से कुछ लेना देना है और न सिखों से. वह सिर्फ खालिस्तान खाली के नाम पर आईएसआई और विदेशों में बैठे कुछ लोगों से पैसा ऐंठ रहा है. जोशी के मुताबिक यह आतंकवादी अब तक रेफरेंडम 2020 के नाम पर बड़े-बड़े होटलों में ठहर कर अपने साथियों के साथ मौज करता आया है.

उधर आम आदमी पार्टी के सहअध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के लोग खलिस्तान और आतंकवाद दोनों को नकार चुके हैं . गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा चलाए जा रहे रेफरेंडम 2020 की कोई रेलीवेंस नहीं है. वह सिर्फ और सिर्फ खालीस्तान के नाम पर लूटपाट कर रहा है.

अमन अरोड़ा ने कहा कि गुरपतवंत सिंह पन्नू आईएसआई का एजेंट है और वह विदेश में बैठे लोगों से राजनीतिक शरण के नाम पर पैसा इकट्ठा करता है.

इसे भी पढ़ें --- 26 की उम्र में सांसद, 32 की उम्र में मंत्री...पायलट को क्या नहीं दिया: कांग्रेस

सीमित हो गई खालिस्तान की मांग

दूसकी ओर, पंजाब के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और भारत के खुफिया तंत्र से जुड़े सूत्रों के मुताबिक खालीस्तान का मुद्दा अब ठंडा पड़ चुका है और कुछ मुट्ठी भर लोग इसे सोशल मीडिया पर जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं.

भारत सरकार खालिस्तान समर्थकों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और बार-बार उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. पहले सिख्स फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध लगा दिया गया और बाद में गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित कर दिया गया.

Advertisement

इसे भी पढ़ें --- चीन सीमा विवाद: राहुल गांधी बोले- कोई तो झूठ बोल रहा है...

अब तक खालिस्तान समर्थित दर्जनों वेबसाइटस को ब्लॉक किया जा चूका है. हाल ही पन्नू ने रूस से भी एक वेबसाइट चलाने की कोशिश की लेकिन उसे भी ब्लॉक कर दिया गया. यही नहीं उसके दर्जनों सोशल मीडिया खतों को भी ब्लॉक कर दिया गया लेकिन वह फर्जी नाम से ट्विटर अकाउंट बना कर लगातार भड़काऊ सन्देश लोगों तक पहुंचा रहा है.

इस बीच पंजाब और हरियाणा के बाद अब दिल्ली के लोगों को भी अवांछित फोन कॉल की जा रही है. लोगों ने भारत सरकार और ट्राई से आग्रह किया है कि विदेश से की जा रही ऐसी कॉल्स को ब्लॉक कराया जाए.

Advertisement
Advertisement