पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बेअंत सिंह के पोते 40 साल के हरकीरत सिंह ने रविवार को खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली. चंडीगढ़ के सेक्टर 5 स्थित अपने आवास पर दोपहर हुई घटना के बाद फौरन उन्हें पीजीआई ले जाया गया. वहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
सोमवार को पीजीआई में होगा पोस्टमार्टम
चंडीगढ़ सेक्टर तीन के एसएचओ नीरज शर्मा के मुताबिक, हरकीरत सिंह ने अपने आवास पर खुद को लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मार ली. उन्होंने कहा कि पीजीआई के डॉक्टर्स ने हरकीरत को मृत घोषित किया. सोमवार को पीजीआई में ही हरकीरत का पोस्टमार्टम किया जाएगा.
बरकरार है परिवार का राजनीतिक रुतबा
लुधियाना जिले में बेअंत सिंह के मूल गांव कोटली के हरकीरत सिंह सरपंच थे. साल 2013 में उन्हें गांव का मुखिया चुना गया था. उनके भाई गुरकीरत सिंह खन्ना से कांग्रेस विधायक हैं. उनके पिता तेजेश्वर सिंह पंजाब के पूर्व यातायात मंत्री रह चुके हैं.
लंबे समय से तनाव के मरीज थे हरकीरत
हरकीरत सिंह के एक भाई रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि वह लंबे समय से तनाव से जूझ रहे थे. बीते 15 दिनों से वह गहरे अवसाद में जी रहे थे. 1994 से ही उनका इलाज चल रहा था. वह अपनी दिक्कतों के बारे में बातचीत करते थे, मगर जिंदा नहीं रहने की मंशा के बारे में कभी जाहिर नहीं दिया. अब उन्होंने खुद को गोली मार ली.
पत्नी और नौकर से नजर बचाकर खुद को गोली मारी
हरकीरत अपनी पत्नी और एक नौकर के साथ चंडीगढ़ में रहते थे. उन्की पत्नी ने बताया कि रविवार सुबह वह सुखना लेक से टहलकर लौटे और स्नान की इच्छा जताई. इस बीच नौकर उनके नाश्ते के लिए जूस बनाने लगा. तभी उन्होंने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली .