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सात साल की मासूम संग गैंगरेप, दिल्ली में इंसानियत शर्मसार

दिल्ली के नेब सराय और गोविंद पुरी इलाके में मानवता को शर्मसार कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया. यहां गोविंद पुरी इलाके में पार्क में खेल रही सात साल की मासूम को किडनैप कर हवस का शिकार बनाया गया, तो नेबसराय इलाके में एक पड़ोसी ने पांच साल की एक मासूम के साथ दरिंदगी का खेल खेला. रेप की पीडित मासूम बच्चियों की हालत नाजुक है. अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.

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मानवता को शर्मसार कर देने वाली वारदात
मानवता को शर्मसार कर देने वाली वारदात

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दिल्ली के नेब सराय और गोविंद पुरी इलाके में मानवता को शर्मसार कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया. यहां गोविंद पुरी इलाके में पार्क में खेल रही सात साल की मासूम को किडनैप कर हवस का शिकार बनाया गया, तो नेबसराय इलाके में एक पड़ोसी ने पांच साल की एक मासूम के साथ दरिंदगी का खेल खेला. रेप की पीडित मासूम बच्चियों की हालत नाजुक है. अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. पुलिस केस दर्ज करके दोनों मामलों की जांच कर रही है.

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के नेब सराय इलाके में मंगलाव की दोपहर एक शख्स अपनी पड़ोस में रहने वाली पांच साल की बच्ची को बहलाफुसलाकर अपने घर ले गया. घर में ही मासूम के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब लहूलुहान हालत में बच्ची अपने घर पहुंची. घर वालों ने आनन-फानन में पुलिस को इत्तला दी. बच्ची के मेडिकल में रेप की पुष्टि हुई है. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

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इंसानियत को शर्मसार करने वाली दूसरी वारदात ईस्ट दिल्ली के गोविंदपुरी थाने इलाके की है. होली की शाम पार्क में खेल रही सात की साल की एक मासूम के साथ गैंगरेप किया गया. पीड़ित मासूम की हालत नाजुक है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. पीड़िता के बयान के मुताबिक, आरोपियों ने बच्ची को पार्क से किडनैप कर रेप की वारदात को अंजाम दिया. वारदात के बाद कार से बच्ची को लहूलुहान हालत में घर के पास छोड़ कर चले गए.

मौके पर पहुंची पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. उनकी तलाश में जुट गई है. इस वारदात के बाद इलाके के लोग दहशत में हैं. मासूम बच्चियों के साथ हुई इन घिनौनी वारदातों के बाद दिल्ली में महिला सुरक्षा के दावे करने वाली पुलिस और सरकार के खिलाफ सवाल खड़े होना लाजमी है. बड़ा सवाल तो ये है कि जब दिन के उजाले में मासूम बच्चियां अपने घर के आंगन में महफूज नहीं हैं, तो सड़कों पर महिलाएं कितनी सुरक्षित होंगी.

 

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