राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर पुलिस ने आखिरकार डेढ़ साल बाद शनिवार की रात 10.25 बजे कर दिया. 5 लाख के इस इनामी बदमाश को पकड़ने के लिए 50 थानों के 5 हजार पुलिसकर्मी दिन रात लगे हुए थे. पुलिस के लिए चुनौती बन चुके आनंदपाल के खात्मे के बाद उसके एनकाउंटर पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं.
आनंदपाल सिंह के एडवोकेट ने इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए कहा है कि उसको हरियाणा से पकड़कर लाया गया था और चुरु में मैनेज कर फर्जी एनकाउंटर किया गया है. पुलिस की पूरी कहानी में कई ऐसे झोल हैं, जिस पर बहुत सारे लोगों को भरोसा नहीं हो रहा है. उसके लोकेशन के बारे में उसके भाईयों तक को पता नहीं होता था, तो पकड़ा कैसे गया.
उसके पास 400 कारतूस बचे थे और वो एके-47 से गोलियां बरसा रहा था फिर भी पुलिस ने उसके पास जाकर पीठ में कैसे गोली मार दी. इस एनकाउंटर में घायल सभी पुलिसकर्मी राजपूत है, ऐसे कैसे हो गया. चूंकि राजपूतों की सहानुभूति आनंदपाल के साथ रहती थी, कहीं इस वजह से तो ऐसा नहीं दिखाया गया. वह सरेंडर करना चाहता था, लेकिन सुरक्षा के साथ.
आनंदपाल के एनकाउंटर का पूरा सच
आनंदपाल सिंह के भाई रुपेश उर्फ विक्की और उसके गुर्गे देवेंद्र उर्फ गट्टू का पीछा राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप पिछले एक महीने से कर रही थी. सिरसा में इन दोनों के होने का पता चलते ही एसओजी ने शनिवार की शाम 6 बजे उन्हें धर दबोचा. पुलिस ने दोनों के एनकाउंटर करने की धमकी दी. इस पर विक्की तो कुछ नहीं बोला, लेकिन गट्टू डर गया.
गट्टू ने बता दिया कि आनंदपाल सिंह एक दिन पहले ही राजस्थान आया है. चुरु के मौलासर के खेत में बने श्रवण सिंह के एक मकान में रह रहा है. यह पता लगते ही करीब 150 पुलिस और कमाडों के साथ चुरु पहुंची. पुलिस ने मौलासर गांव को पूरी तरह घेर लिया. खुद को घिरता देख आनंदपाल ने औरतों को आगे कर हो हल्ला मचाना शुरू कर दिया.
आनंदपाल ने मकान के पिछले दरवाजे की तरफ से जाकर एके-47 से गोलियां बरसानी शुरु कर दी. पुलिस के पास पहले से ही जानकारी थी कि उसके पास 400 राउंड गोलियां हैं. आनंदपाल ने करीब 100 राउंड गोलियां चलाई और खिड़की से भागने की कोशिश करने लगा. लेकिन छत से पुलिस मकान में घुस गई और पीछे से आनंदपाल पर 6 गोलियां दाग दी.
इस एनकाउंटर में एक पुलिस अधिकारी सूर्यवीर सिंह और कंस्टेबल सोहन सिंह घायल हो गए. आनंदपाल पर हत्या, लूट, फिरौती के 24 मामले राज्य के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं. उसके 5 राज्यों में ठिकाने का पता चला है. इसके 108 गुर्गों को पुलिस अबतक पकड़ चुकी है. इनमें से 60 को जमानत मिल चुकी है, जबकि 48 अब भी जेल में है.