महाराष्ट्र एटीएस ने शुक्रवार की सुबह जब नालसोपारा से वैभव राउत को गिरफ्तार किया तो उन्हें अंदाजा नहीं था कि वो मौत का सामान अपने घर में जमा कर रहा था. दबिश के वक्त जब उसके घर की तलाशी ली गई तो एटीएस की टीम वहां से मिले विस्फोटक देखकर हैरान रह गई.
एटीएस के सूत्रों ने बताया कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या मामले में आमोल काले को गिरफ्तार किया गया था. काले पेशे से एक इंजीनियर है. वही गौरी लंकेश हत्याकांड का मास्टरमाइंड भी था. एसआईटी ने गौरी की हत्या के मामले में जब जांच के दौरान काले को पकड़ा तो पूछताछ में उसने अपने संगठन से जुड़े लोगों के नाम पते उगल दिए.
दरअसल, उस संगठन के लिए काम कर रहे लगभग 10 लोगों की सूची एसआईटी को काले से मिली थी. जिसमें सनातन संस्था से जुड़े वैभव राउत का नाम भी शामिल है. जो एक शातिर किस्म की व्यक्ति है. एटीएस पिछले कई दिनों से उस पर नजर रख रही थी. गिरफ्तारी के वक्त उसके कब्जे से कई देसी लाइव बम और विस्फोटक बरामद किए गए है.
एटीएस के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि राउत कई हिंदूवादी संगठनों और गोरक्षा समूहों के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहा है. 2015 में उसके खिलाफ दो मामले दर्ज हुए थे. वो कुछ दिन पहले ही बाहर आया था. वह हिंदू समाज के विषय में जागरूकता फैलाने के काम में बहुत सक्रिय था.
उसने कई लोगों के साथ बैठकें भी कीं. बाहर वो चाहे जो भी कर रहा था. लेकिन अपने इलाके में लोगों के बीच उसे बहुत अच्छा समझा जाता है. लोग उसकी करतूतों से वहां वाकिफ ही नहीं थे.