जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के एक और प्रोफेसर पर एक छात्रा ने छेड़खानी और मारपीट करने का आरोप लगाया है. पीड़िता ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान भी दर्ज करवाया है. हालांकि अब तक पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार नहीं किया है.
दूसरी ओर आरोपी प्रोफेसर की शिकायत पर भी एक एफआईआर दर्ज हुई है. प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपने चेंबर में जाने से रोका गया और उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई. पुलिस ने बताया कि हालांकि छात्रा और आरोपी प्रोफेसर ने काफी पहले शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर अब जाकर एफआईआर दर्ज की गई है.
छात्रा का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सेंट्रल फॉर स्टडीज इन साइंस पॉलिसी में असिस्टेंट प्रोफेसर राजबीर सिंह ने उसके साथ मारपीट की और उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया. इसके अलावा छात्रा ने प्रोफेसर राजबीर सिंह पर अपनी एक साथी छात्रा के साथ भी धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है, जो उसकी मदद करने के लिए आगे आई थी.
बता दें कि बीते कुछ महीने के अंदर छात्राओं द्वारा प्रोफेसर पर छेड़खानी के आरोप का यह तीसरा मामला है.
इससे पहले जेएनयू के प्रोफेसर अतुल जौहरी के खिलाफ कई छात्राओं ने छेड़खानी का केस दर्ज करवाया था. अतुल जौहरी की गिरफ्तारी को लेकर छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन भी किया था. छात्राओं का आरोप है कि प्रोफेसर अतुल जौहरी क्लास के दौरान और अपनी लैब में उनके साथ छेड़खानी और अश्लील बातें किया करते थे.
इसके बाद सेंटर फॉर साउथ एशियन स्टडीज के प्रोफेसर महेंद्र पी. लामा और राजेश खरत के खिलाफ एक छात्रा ने छेड़खानी के आरोप लगाए और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई.
इसी साल 8 जनवरी को जेएनयू के सेंटर फॉर साउथ एशियन स्टडीज की पीएचडी छात्रा ने वाइस चांसलर प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार और इंटर्नल कंप्लेंट कमेटी के अध्यक्ष विभा टंडन को मेल लिखकर दोनों प्रोफेसर के खिलाफ सेक्सुअल हैरासमेंट की शिकायत दर्ज कराई थी.
पीड़ित छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे जेएनयू के प्रोफेसर महेंद्र पी लामा चीन लेकर गए थे. वहां उसे छेड़छाड़ के साथ ही उसका यौन उत्पीड़न किया गया. इसमें प्रोफेसर राजेश खरत ने प्रोफेसर लामा की मदद करने की कोशिश की थी. 8 जनवरी को इंटर्नल कंप्लेंट कमेटी से उसने शिकायत की थी.