ग्रेटर नोएडा की पुलिस ने एक फर्जी आईएएस को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है. आरोपी फर्जी आईएएस बनकर लंबे अर्से से गलत काम करने के लिए अधिकारियों से सिफारिश किया करता था. वह लखनऊ, गाजियाबाद और नोएडा के कई अधिकारियों को फोन करता था और उन पर गलत कामों को करने के लिए दबाब बनाता था. यह खुद को आईएएस विशाल कुमार बताता था. पुलिस ने इसके फोन से कुछ अधिकारियों से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी बरामद की है, जिनमें वह अधिकारियों से सिफारिश के लिए बात करता सुनाई दे रहा है.
आरोपी की पहचान गाजियाबाद निवासी मणिशंकर त्यागी के रूप में हुई है. वह आईएएस अधिकारी विशाल का परिचित बताया जा रहा है. वह जब अधिकारी को फोन किया करता था और अपने आपको त्रिपुरा डीएम विशाल कुमार बताता था, तो अधिकारी इसके दबाव में आने लगते थे.
इस दौरान जब उससे उसका कैडर पूछा जाता था, तो वह खुद को राजस्थान कैडर का बताता था. वह पुलिस अधिकारियों पर भी दबाव बनाया करता था. एक दिन इस फर्जी आईएएस ने ग्रेटर नोएडा के आईपीएस एसपी देहात विनीत जयसवाल को फोन करके एक मामले में दबाव बनाने की सिफारिश करने लगा. जब एसपी देहात विनीत जयसवाल ने इनसे कैडर और कुछ बातें पूछी, तो वह अपने बुने जाल में ही फंस गया.
इसके बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस ने इस फर्जी आईएएस को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. इस फर्जी आईएएस ने खुद स्वीकार किया कि वह कुछ अधिकारियों को लगातार फोन करके गलत काम करने के लिए दबाव बना रहा था. पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल और कुछ पैसे बरामद किए हैं. हालांकि आरोपी का असली नाम मणिशंकर त्यागी है, जो गाजियाबाद में रहता है. उसने बताया, 'हमारे परिचय के एक आईएएस विशाल सिंह है, जिनका नाम लेकर मैं ये काम कर रहा था.' पुलिस ने इस फर्जी आईएएस को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है.