गुड़गांव के एक गांव के लिए जाने वाले हर रास्ते, तमाम गलियां और हरेक मकान इस वक्त सन्नाटे के साये में दुबका हुआ है. इस गांव में एक ऐसी वारदात की खबर फैली है, जिसे सुनने के बाद पहले तो लोग सहम गए और फिर बुरी तरह डर गए.
कुछ डरे सहमे लोग इकट्ठा होकर बादशाहपुर पुलिस थाने में जा पहुंचे और वारदात की इत्तेला दी, जिसने पूरे गांव की बोलती बंद कर दी थी. गांव की एक-एक गली खामोशी में डूब गई थी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
जानकारी के मुताबिक बादशाहपुर पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में 23 अप्रैल की शाम एक महिला घर में अकेली सो रही थी. उसी समय गांव के कुछ युवक उसके घर में चुपके से घुस गए. उसे बेहोश कर किसी सूनसान जगह पर ले गए.
वहां पर एक, दो नहीं करीब 20 लोगों ने उसके साथ बारी -बारी से गैंगरेप किया. इसके बाद उसे छोड़कर फरार हो गए. दरिंदों ने जाते-जाते उसे यह भी धमकी दी कि यदि वह मुंह खोलेगी तो उसे जान से मार दिया जाएगा.
गांव वालों की बात जब पुलिस वालों ने सुनी तो पहले पहल उन्हें भी यकीन नहीं हुआ. लेकिन जब उन्हें भरोसा दिलाया गया तो खुद उनकी हैरानी का ठिकाना नहीं रहा. इसके बाद पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करके, तफ्तीश शुरू कर दी है.
हर किसी की जुबान पर ये बात जरूर है कि जिन लोगों पर ये संगीन इल्जाम लगे हैं. यदि उन लोगों पर लगे इल्जाम सही हैं, तो क्या वाकई उन्हें इंसान माना जाना चाहिए. फिलहाल केस जांच की जद में है.