दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में क्राइम ब्रांच ने एक लाख के इनामी बदमाश भंवर सिंह को मुठभेड़ के बाद मार गिराया. इससे पहले पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई. इसी दौरान गोली लगने से वो घायल हो गया. अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
दरअसल, गुरुग्राम पुलिस की पालम विहार क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि गैंगस्टर भंवर सिंह अपने कुछ साथियों के साथ मानेसर इलाके में किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से छुपा हुआ है. क्राइम ब्रांच ने फौरन बदमाश को घेर लिया और सरेंडर करने के लिए कहा. लेकिन बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी.
दोनों तरफ से दर्जनों राउंड फायरिंग हुई. जिसमें गैंगस्टर भंवर सिंह उर्फ उदय को तीन गोलियां लगी. पुलिस ने उसे काबू करने के बाद मानेसर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
एसीपी (क्राइम) शमशेर सिंह की मानें तो गैंगस्टर भंवर सिंह के सिर पर एक लाख का इनाम था. बीती 14 अगस्त को मानेसर इलाके में ही ईश्वर पटवारी की हत्या में वह वॉन्टेड आरोपी था. उसके खिलाफ मर्डर, हत्या के प्रयास, लूट, फिरौती और पुलिस पर हमले जैसे दर्जनों मामले हरियाणा और दिल्ली में दर्ज थे.
आरोपी सजायाफ्ता कैदी भी था, जिसे की पुलिस पर हमले का दोषी पाया गया था. इस केस में वो जमानत पर बाहर आया और फिर से वारदातों को अंजाम देने लगा. दिल्ली पुलिस पर हमले के मामले में भी वह वांछित था. पुलिस ने उसका शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.