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राजस्थानः हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, ब्लैकमेलिंग में पुलिस-पत्रकार भी शामिल

राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसके संचालन में पुलिसवाले और पत्रकार भी शामिल थे. करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार करने वाले इस रैकेट में एक बड़ा व्यापारी भी शामिल है. ये गिरोह दर्जनों अमीर लोगों को ब्लैकमेल करके करोड़ो रुपये की वसूली कर चुका है.

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पुलिस ने अभी तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है
पुलिस ने अभी तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है

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राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसके संचालन में पुलिसवाले और पत्रकार भी शामिल थे. करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार करने वाले इस रैकेट में एक बड़ा व्यापारी भी शामिल है. ये गिरोह दर्जनों अमीर लोगों को ब्लैकमेल करके करोड़ों रुपये की वसूली कर चुका है.

पुलिस ने रैकेट के एक संचालक और उसकी सहयोगी एक युवती को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि इस गिरोह में शामिल माउंट आबू थाने का एस.एच.ओ. और एक बिजनेसमैन साथ में भाग निकले. पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जोधपुर से कुछ पत्रकारों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.

करोड़ों रुपये की ब्लैकमेलिंग
पुलिस महानिरीक्षक हवा सिंह घुमरिया के अनुसार सूबे के एक बड़े कारोबारी ने पुलिस को ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई थी. वह माउंट आबू में होटल का संचालन करता है. कारोबारी ने आला अधिकारियों को दी गई शिकायत में बताया था कि माउंट आबू पुलिस स्टेशन में करोड़ो रुपए की ब्लैकमेलिंग का धंधा किया जा रहा है.

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6 लोगों के खिलाफ मुकदमा
जिसमें थाने एसएचओ रामचन्द्र सिंह राठौड़, पत्रकार मोइनुल हक, व्यवसाई गोपाल सिंह ढेलाणा, चालक गोविंदराम मेघवाल, शिवानी पुत्र जितेन्द्र सिंह और गोविंद सिंह नामक लोग शामिल हैं. पीड़ित होटल कारोबारी ने इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी.

होटल कारोबारी ने की शिकायत
आईजी के मुताबिक प्राथमिक जांच में होटल व्यवसाई को ब्लैकमेल किए जाने की पुष्टि हुई थी. इसके बाद सिरोही और जोधपुर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गईं. जिसमें प्रतापनगर थानाधिकारी रामसिंह, शास्त्रीनगर थानाधिकारी अमित सिहाग, राजीव गांधी नगर थानाधिकारी लीलाराम सहित अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया. इस टीम ने शनिवार की सुबह पांच बजे कमला नेहरू नगर में पत्रकार सैयद मोइनुल हक के घर दबिश दी और उसे हिरासत में ले लिया.

पत्रकार गिरफ्तार, एसएचओ फरार
इसके बाद शिवानी नामक एक महिला पत्रकार को भी हिरासत में लिया गया. पुलिस दोनों पत्रकारों को पूछताछ के लिए पाली के सदर थाने ले गई. जहां अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की. पाली में भी इनका सेक्स और ब्लैकमेलिंग का रैकेट चल रहा था. देर शाम दोनों को गिरफ्तार कर माउंट आबू थाने ले जाया गया. आईजी घुमरिया का कहना है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही निरीक्षक रामचन्द्र सिंह वहां से फरार हो गया. वह ड्यूटी से भी गैर हाजिर था.

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ऐसे करते थे करोड़ों की ब्लैकमेलिंग
पत्रकार मोईनुल हक और शिवानी राजस्थान, गुजरात और मुंबई के सेठों और व्यवसायियों से इंटरव्यू के बहाने पहले मुलाकात करते थे. फिर शिवानी उन्हें अपने जाल में फंसा लेती थी. फिर जाल फंसे लोगों को जोधपुर, माउंट आबू या पाली में बुलाया जाता था. वहां होटल में कमरा बुक किया जाता था. फिर जैसे ही कोई सेठ या कारोबारी रात गुजार लेता था, सुबह होने से पहले ही एसएचओ रामचंद्र सिंह होटल के कमरे में पहुंच जाता था. उसके बाद उस कारोबारी या सेठ को धमकाकर शुरु होती थी सौदेबाजी और ब्लैकमेलिंग. पुलिस के अनुसार इस रैकेट में कई लड़कियां शामिल हैं. पुलिस को पता चला कि मोईनुल हक अपना एक अखबार चलाता था. जिसका नाम वॉयस आफ हक था. उसने कई लोगों को दूसरे शहरों में रिपोर्टर बना रखा था. इसी अखबार की आड़ में वह दूसरे शहरों में भी रैकेट चलाता था. पुलिस अब इस अखबार में काम करने वाले सभी जिलों के सवांददाताओं से भी पूछताछ करेगी.

ऐसे पकड़ा गया रैकेट
इस मामले में शिकायत करने वाला माउंट आबू का बड़ा होटल कारोबारी इनके जाल में फंस गया था. आरोपी उससे 3 करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे. कारोबारी उन्हें अब तक 67 लाख रुपये दे चुका था. लेकिन दोनों पत्रकार और एसएचओ अभी भी उससे 30 लाख रुपये मांग रहे थे. वे उसे पैसे के लिए तंग कर रहे थे. परेशाम होकर होटल कारोबारी ने तत्कालीन आईजी रेंज जीएल शर्मा को मामले की शिकायत कर दी. शर्मा के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ ने माउंट आबू सीओ प्रीति कंकाणी को मामले की जांच करने के आदेश दिए थे. जांच में लड़कियों की आड़ में ब्लैकमेलिंग करने का मामला सामने आया और ये गैंग पकड़ा गया. तब तक आईजी हवा सिंह घुमरिया ने पद संभाल लिया और मामले खुलासा होते ही उन्होंने सख्ती दिखाई. जिसके बाद दोनों पत्रकारों और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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