छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक शख्स की मौत हो गई. पत्नी ने उसे स्वभाविक मौत बताकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया. तमाम रिश्तेदार अंतिम संस्कार में शामिल हुए, लेकिन किसी को उस वक्त भनक भी नहीं था कि 47 वर्षीय राजेंद्र को जहर देकर मौत की नींद सुलाया गया है. लेकिन जब पुलिस ने मामले का खुलासा किया, तो सबके होश उड़ गए. पति की हत्या की गई थी, जिसकी सुपारी उसकी पत्नी ने ही दी थी. पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है.
जानकारी के मुताबिक, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब लूटपाट के सिलसिले में इलाके के दो बदमाश पुलिस के हत्थे चढे. उनके जेब से लगभग 70 हजार रुपये बरामद हुए थे. पुलिस की पूछताछ में इस रकम के स्रोत के बारे में जानकारी ली गई. दोनों बदमाश रकम को लेकर अलग-अलग बयान देने लगे. पुलिस को शक हुआ. कड़ाई से पूछताछ शुरू हुई. एक बदमाश टूट गया. उसने इलाके की एक महिला से एक लाख रुपये मिलने की बात कही, लेकिन वजह नहीं बताया.
इस मामले की तहकीकात करते हुए पुलिस की एक टीम सरिता नामक महिला के घर जा पहुंची. पुलिस को देखकर सरिता ठिठक गई. पहले तो उसने उस बदमाश को पहचानने से इंकार किया, फिर अपने पति की मौत के सदमे का हवाला देकर पुलिसकर्मियों को बैरंग लौटा दिया. सरिता के व्यवहार ने पुलिस के शक को और गहरा दिया. पुलिस ने दोनों बदमाशों से फिर पूछताछ की, तो पता चला कि राजेन्द्र की मौत स्वभाविक नहीं थी. उसे खाने में जहर देकर मारा गया था.
यह भी पता चला कि वारदात की रोज राजेंद्र के घर में ही दावत हुई थी. इसमें दोनों बदमाश शामिल हुए थे. सरिता ने खाना बनाया था. दूसरे दिन राजेन्द्र की मौत हो गई. सरिता ने हार्ट अटैक से मौत का हवाला देकर उसका अंतिम संस्कार करवा दिया. बच्चे नहीं होने के चलते सरिता और राजेन्द्र के बीच अक्सर झगड़ा हुआ करता था. राजेन्द्र एक कंपनी में काम करता था. उसे जीपीएफ की लगभग 15 लाख रुपये मिलने वाली थी. इसी के चक्कर में पत्नी ने उसकी हत्या करवाई थी.