दिल्ली की एक अदालत ने इंडियन मुजाहिदीन के एक संदिग्ध आतंकवादी को 25 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. यह संदिग्ध आतंकी साल 2008 की बटला हाउस मुठभेड़ के दौरान फरार हो गया था और विस्फोट के अन्य कई मामलों में वांछित था. यह आतंकी करीब 165 लोगों की मौत का जिम्मेदार है.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने आरिज खान को 25 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है. 13 फरवरी को गिरफ्तार किए गए आरिज को बुधवार को अदालत में पेश किया गया. पुलिस ने कहा कि बटला हाउस एनकाउंटर सहित यूपी, गुजरात और दिल्ली में हुए विस्फोट के संबंध में पूछताछ करनी है.
डीसीपी (स्पेशल सेल) पीएस कुशवाहा ने बताया था कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम ने आरिज खान (32) को भारत-नेपाल सीमा पर बनवासा से 13 फरवरी की शाम गिरफ्तार किया था. आरिज देश में आईएम और सिमी के बड़े नेताओं के गिरफ्तार होने के बाद इन संगठनों में नयी जान फूंकने की कोशिश में शामिल था.
वह एक दशक से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 15 लाख रुपये का इनाम था. वह आईएम के आजमगढ़ (संजरपुर) माड्यूल का एक सदस्य था और नेपाल में रहता था, जहां वह एक स्कूल में पढ़ाता था. उसके सहयोगी तौकीर को इससे पहले दिल्ली पुलिस ने इस साल जनवरी में गिरफ्तार किया था.
बताते चलें कि 19 सितंबर 2008 को दिल्ली के जामिया नगर स्थित बटला हाउस में हुई मुठभेड़ में चार अन्य लोगों के साथ आरिज खान भी मौजूद था. इस मुठभेड़ के दौरान वह वहां से भाग निकला था. हालांकि इस घटना में इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए थे और कई को गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस के मुताबिक आरिज़ उर्फ जुनैद ने भारत में अब तक जितने धमाके किए हैं, उनमें कुल 165 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. जबकि 535 लोग घायल हो हुए. पांच राज्यों की पुलिस करीब 10 साल से जुनैद को तलाश कर रही थी. उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.