वो बदनसीब थी कि 2 घंटे के लिए दुल्हन बनी और मायके से विदा होने के बाद अपने ससुराल नहीं पहुंच पाई. दुल्हन बनने के 2 घंटे बाद ही दुनिया से रुख्सत हो गयी. जिस बेटी को मायके से विदा किया गया था, उसी मायके से रविवार को उसको अंतिम विदाई देनी पड़ी.
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली महविश शादी के बाद विदा तो हुई, लेकिन दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मेरठ के पास उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने इसे लूट के इरादे से की गई हत्या का मामला बताया है. घटना के वक्त दुल्हन के साथ कार में दूल्हा उसकी दो बहनें और एक अन्य रिश्तेदार भी मौजूद था.
पुलिस के मुताबिक, गाजियाबाद के मसूरी में नाहल गांव की रहने वाली महविश की शुक्रवार को शादी हुई और शाम करीब 7 बजे विदाई हुई, लेकिन रात 9 बजे परिवार के पास महविश की मौत की खबर पहुंच गई.
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में लुटेरों ने दुल्हन की कार को ही निशाना बना डाला. बदमाशों ने स्विफ्ट कार, दुल्हन के गहने और लाखों का कैश लूट लिया. बदमाशों का विरोध करने पर दुल्हन के साथ कार में सवार ससुराल पक्ष के लोगों के साथ मारपीट भी की गई.
मेरठ पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं, महविश के परिवार वाले ससुराल पक्ष पर शक जता रहे हैं. महविश के परिवार वालों ने हत्या के पीछे एकतरफा प्यार के एंगल से भी पूरी तरह इनकार किया है.
महविश के परिवार वालों का कहना है कि यह सिर्फ लूट के बाद हत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे कुछ और राज है. परिवार वालों का कहना है कि अगर दुल्हन को गोली मारी गई, तो उसके शौहर ने उसे बचाने की कोशिश क्यों नहीं की? उसके शौहर और गाड़ी में मौजूद उसकी ननद पर किसी ने हमला क्यों नहीं किया?
We are registering the case. As far as the information we have got there were 3-4 boys who were involved in this. It seems to be a case of robbery but we cannot be sure about it as yet. We are investigating the matter: Manzil Saini, SSP on newly wed woman who was shot in Meerut pic.twitter.com/EWOYQM8LsD
— ANI UP (@ANINewsUP) April 28, 2018
साथ ही परिवार वाले यह भी आरोप लगा रहे हैं कि घटना के बाद ससुराल वाले महविश की लाश को अस्पताल में लावारिस छोड़ कर क्यों भाग गए? पुलिस पूछताछ के दौरान महविश के परिवार वालों ने बताया कि विदाई के वक्त महविश के ससुराल वालों ने दहेज का सामान ले जाने से मना कर दिया था, जबकि आम तौर पर दहेज का सारा सामान ससुराल पक्ष बारात की विदाई के साथ ही लेता जाता है.
महविश की शादी दूल्हे के बहनोई शावेज ने तय की थी, जो नाहल गांव की ही रहने वाला है. महविश का परिवार गरीब है और 9 भाई-बहनों में सबसे बड़े भाई के बाद दूसरे नंबर की संतान थी महविश.
पुलिस ने बताया कि लुटेरों की गोली से घायल महविश को मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिवार वालों के आरोप पर पुलिस का कहना है कि वह हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है.