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कभी नवरात्र भी मनाता था हिजबुल मुजाहिदीन का ये संदिग्ध आतंकी!

कमरुजमा ने एटीएस को बताया कि रिपब्लिक ऑफ पलाऊ में मलेशिया, इंडोनेशिया और सऊदी अरब से कट्टरपंथी विचारधारा वाले वहाबी लगातार आते थे. उनकी बातें सुनकर ही वो इस राह पर चल पड़ा.

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कमरुजमा वहाबी विचारधारा के संपर्क में आने की बाद आतंक की राह पर चल पड़ा
कमरुजमा वहाबी विचारधारा के संपर्क में आने की बाद आतंक की राह पर चल पड़ा

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उत्तर प्रदेश एटीएस के हाथ लगा हिजबुल मुजाहिद्दीन का संदिग्ध आतंकी कमरुज़मा 2008 के पहले नवरात्र के व्रत रखता था. इस खुलासे को सुनकर आप भले ही चौक जाएं लेकिन यह सच है.

पहले उदारवादी था कमरुज़मा

यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह पता लगा कि कमरुज़मा पहले धर्म के मामले में काफी उदारवादी शख्स था. 2008 तक वह नवरात्र के दिनों में देवी की भक्ति करता था लेकिन 2008 में पैसा कमाने के मकसद से वह रिपब्लिक ऑफ पलाऊ चला गया, जहां वह वहाबी विचारधारा के संपर्क में आया.

वहाबी विचारधारा ने बना दिया आतंकी

पूछताछ में कमरूज़मा ने बताया कि कैसे उसके विचार वहाबी कट्टरपंथ में तब्दील हो गए और नवरात्र रखने वाला यह शख्स कैसे आतंक के नेटवर्क से जुड़ गया. कमरुजमा ने एटीएस को बताया कि रिपब्लिक ऑफ पलाऊ में जहां वो रहता था, वहां मलेशिया, इंडोनेशिया और सऊदी अरब से कट्टरपंथी विचारधारा वाले वहाबी लगातार आते थे. वो उनकी तकरीरें सुनता था. वहीं उसका झुकाव वहाबी विचारधारा की ओर हो गया. नवरात्र के व्रत रखने वाला कमर पूरी तरह से वहाबी बन चुका था.

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कश्मीर में किया कपड़े का कारोबार

2013 में रिपब्लिक ऑफ पलाऊ से वापस लौटने के बाद कश्मीर के किश्तवाड़ में कपड़े का व्यापार करने लगा. लेकिन इसी दौरान वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के संपर्क में आ गया. यहां उसने एके-47 खरीदने की कोशिश की.

असम का रहने वाला है संदिग्ध

असम का रहने वाला कमरुज़मा कश्मीर और असम से लेकर उत्तर प्रदेश के संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का हिस्सा हो गया था कानपुर में उनके ही दूसरे सहयोगी तौफीक के साथ रहते हुए पकड़ा गया. कमरुज़मा का नेटवर्क कानपुर में भी मौजूद है. एटीएस अब उसके आतंकी रिश्ते खंगाल रही है.

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