गुजरात के नर्मदा जिले के केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास निर्माणाधीन 'आदिवासी संग्रहालय' के पास चोरी के संदेह में दो आदिवासियों की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को एक न्यूज एजेंसी को दी. नर्मदा जिले के पुलिस अधीक्षक प्रशांत सुम्बे ने बताया कि यह घटना 6 अगस्त की रात को हुई. मृतकों की पहचान जयेश तड़वी और संजय तड़वी के रूप में हुई है.
हत्या के आरोप में 6 गिरफ्तार
एसपी ने बताया कि केवड़िया में आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है. यहां काम कर रहे छह मजदूरों के एक ग्रुप ने केवड़िया निवासी जयेश और पास के गभान गांव के संजय को बांध दिया. इसके बाद उनकी पिटाई कर दी. जिससे जयेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संजय ने शुक्रवार की सुबह राजपीपला के सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया.
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पुलिस ने अधीक्षक ने बताया कि दोनों मृतक खेत में काम करने वाले मजदूर थे. रात के समय दोनों निर्माण स्थल में घुसे थे, ताकि कुछ धातु का टुकड़ा चुराकर बेच सकें. इसी दौरान वहां काम कर रहे मजदूरों ने उन्हें पकड़ लिया और फिर उनकी पिटाई कर दी. हमने मामले में कथित रूप से शामिल छह लोगों को गिरफ्तार किया है. उन पर हत्या का आरोप लगाया गया है.
अधिकारी ने बताया कि बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट के तहत हत्या और अन्य अपराधों के लिए गिरफ्तार किए गए लोगों में अहमदाबाद निवासी मार्गिश हिरमारा, उत्तर प्रदेश निवासी दीपू यादव, बिहार निवासी उमेश गुप्ता, गांधीनगर निवासी देवल पटेल और पंचमहल जिले के शैलेश तवियाद व वनराज तवियाद शामिल हैं.
विरोध में विधायक ने बंद का किया आह्वान
दोनों आदिवासियों की हत्या को लेकर डेडियापाड़ा से आप विधायक चैतर वसावा ने शुक्रवार को गरुड़ेश्वर तालुका में बंद का आह्वान किया है. उन्होंने अस्पताल में स्थानीय पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी की और मांग की कि निर्माण एजेंसी के मालिक का नाम एफआईआर में दर्ज किया जाए. वहीं, पड़ोसी भरूच सीट से बीजेपी सांसद मनसुख वसावा ने कहा कि कंपनी ने पहले ही मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है.