आधार कार्ड को लेकर अक्सर कोई न कोई खबर आती ही रहती है. सरकार जहां इसकी महत्ता की बात करती है तो लोगों के इस कार्ड के साथ दुरुपयोग करने की खबर भी आती है. ऐसा ही एक मामला आया लखनऊ से जहां एक शख्स ने अपने आधार कार्ड का आवासीय पता लखनऊ जेल दिया था. बाद में उसे उसी जेल में डाल दिया गया.
सनी चौहान नाम के एक शख्स ने अपने आधार कार्ड पर आवासीय पता लखनऊ जेल लिखवाया था. मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस एक शख्स की मौत की जांच कर रही थी और सुराग की तलाश में पुलिस उसके पास पहुंची.
संतोष तिवारी (40 साल) नाम का ड्राइवर पिछले महीने लखनऊ के बाहरी इलाके के गोसाईंगंज में शेखनापुर क्षेत्र में सड़क किनारे मृत मिला था. उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट के साक्ष्य मिले थे. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की.
मर्डर केस की जांच में हुआ खुलासा
मामले की जांच कर रहे गोसाईंगंज के एसएचओ डीपी कुशवाहा ने कहा कि जब हमने कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया, तो हमने पाया कि सनी के आधार कार्ड पर लखनऊ जेल को उसके आवासीय पते के रूप में दिखाया गया है.
एसएचओ कुशवाहा के अनुसार, सनी चौहान ने दावा किया कि उसके पिता लखनऊ जेल में काम करते हैं, लेकिन जब हमने जांच की, तो जेल अधिकारियों ने बताया कि वह गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल में था.
दारू छीनने के आरोप में मर्डर
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि सनी चौहान ने संतोष तिवारी के मृत पाए जाने के बाद 24 फरवरी को ट्रांसपोर्टर को देने के लिए ट्रक निकाला था.
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पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सनी चौहान ने स्वीकार किया कि उसने शराब के नशे में 4 लोगों के साथ मिलकर संतोष तिवारी की हत्या की थी.
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संतोष तिवारी की हत्या उस समय कर दी गई जब उसने अपने दोस्तों से शराब छीन ली.उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया और हत्या में शामिल अन्य दोस्तों की तलाश जारी है.
(इनपुट-IANS)