दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुड़गांव में ग्रामीणों ने बादशाहपुर थाने पर हमला बोल दिया. थाने पर हुए हमले से कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हमलावर लग्जरी गाड़ियों में भरकर आए थे और हमला कर फरार हो गए. मगर भागते वक्त चार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए.
साइबर सिटी गुड़गांव में बादशाहपुर थाना पुलिस उस वक्त पूरी तरह से बेबस नजर आईं, जब लग्जरी गाड़ियों में सवार ग्रामीणों ने थाने पर हमला बोल दिया. ग्रामीणों ने थाने पर जमकर पथराव किया. इस हमले में पुलिस के दो कांस्टेबल घायल हो गए. पथराव कर रहे चार युवकों को भागते वक्त पुलिस ने धर दबोचा, जबकि बाकी हमलावर भागने में सफल रहे.
पूरा मामला जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है. दरअसल इलाके के एक हिस्से में 11 फीट के एक रास्ते को ग्रामीणों ने बंद किया हुआ था. कुछ दिन पहले हुडा विभाग ने उस रास्ते को खोल दिया. जिसके बाद ग्रामीणों ने विभाग के फैसले को अनदेखा कर फिर से रास्ते को बंद कर दिया. हुडा विभाग ने पुलिस में ग्रामीणों के खिलाफ मामले की शिकायत की.
पुलिस ने रास्ता बंद करने में शामिल ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया. इसी मामले में पुलिस शुक्रवार शाम दो ग्रामीणों को गिरफ्तार कर थाने ले आई. जिसके विरोध में लग्जरी गाड़ियों में सवार दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों ने थाने पर हमला बोल दिया. ग्रामीणों ने थाने में दाखिल होते ही पहले पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की और बाद में थाने पर पथराव कर दिया.
हमले में दो कांस्टेबल जख्मी हो गए. पथराव करने वाले चार युवकों को पुलिस ने मौके पर ही दबोच लिया, जबकि बाकी ग्रामीण भागने में कामयाब रहे. पुलिस ने हमलावरों की दो गाड़ियों को भी जब्त कर लिया हैं. साथ ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट करने, पथराव करने और सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है.
बता दें कि गिरफ्त में आए चार लोगों में दो 70 साल के बुजुर्ग शामिल हैं. हमले के बाद बादशाहपुर थाने में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया हैं. हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से साफ बचती नजर आ रही है. वहीं पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कह रही है.