मुंबई सेशन्स कोर्ट ने मॉडल और एक्ट्रेस प्रीति जैन को फिल्ममेकर मधुर भंडारकर की हत्या की साजिश रचने के आरोप में दोषी पाते हुए तीन साल की सजा सुनाई है. प्रीति जैन के साथ-साथ अदालत ने दो अन्य लोगों को भी इस केस में सजा सुनाई है, जबकि दो लोगों को बरी कर दिया गया है.
मॉडल प्रीति जैन पर आरोप था कि उसने साल 2005 में अंडरवर्ल्ड डॉन से नेता बन चुके अरुण गवली को मधुर भंडारकर की हत्या के लिए सुपारी दी थी. प्रीति ने गवली के गुर्गे को इसके लिए 70 हजार रुपये एडवांस भी दिए थे.
मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब प्रीति ने भंडारकर पर फिल्म में रोल देने के नाम पर उसके साथ यौन शोषण और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया. प्रीति ने मधुर भंडारकर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई और उनकी गिरफ्तारी की मांग की.
Somethings are better left unsaid! Somethings are better left as they are. Life moves on, so have I.
— Madhur Bhandarkar (@imbhandarkar) April 28, 2017
प्रीति ने पुलिस को सबूत के तौर पर भंडारकर की ओर से उसे भेजे गए कुछ एसएमएस भी दिखाए थे. बताते चलें कि साल 2006 में इस केस की रिपोर्ट फाइल की गई थी. इसके बाद भंडारकर को 2007 में क्लीन चिट दे दी गई.
भंडारकर को क्लीन चिट मिलने के बाद प्रीति ने हार नहीं मानी और उसने अंधेरी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. 2009 में अंधेरी कोर्ट ने मामले पर गौर फरमाते हुए इस रिपोर्ट को गलत ठहराया. कोर्ट ने जांच अधिकारी को फिर से रिपोर्ट फाइल करने का आदेश दिया.
प्रीति द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट ने मामला सेशन्स कोर्ट में चलाए जाने का आदेश दिया. सेशन्स कोर्ट के आदेश के खिलाफ भंडारकर सुप्रीम कोर्ट गए थे. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर के खिलाफ बलात्कार के मामले को चलाने के मुंबई की सेशन्स कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया था.