झारखंड के खूंटी में दो अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर नक्सलियों ने अपनी गतिविधि तेज कर दी है. उन्होंने एक फरमान जारी कर खूंटी के सभी ग्रामीणों को अपना मोबाइल जमा करने का निर्देश दिया है, ताकि उनके किसी मूवमेंट की सूचना पुलिस तक नहीं पहुंच सके. इस फरमान से राज्य सरकार के माथे पर बल पड़ गया है. सुरक्षा की दृष्टि से यह दौरा सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
सूत्रों के मुताबिक, मोदी के कार्यक्रम को लेकर जहां पुलिस और प्रशासन ने अपने सूचना तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है, वहीं नक्सली भी इसे तोड़ने में पीछे नहीं हट रहे हैं. उनके मूवमेंट की खबर पुलिस तक ना पहुंचे, इसलिए खूंटी इलाके के लोगों को अपना मोबाइल जमा करने का निर्देश दिया है. डरे-सहमे हुए लोग चुपचाप अपने मोबाइल नक्सलियों के हवाले कर रहे हैं. घर में कोई मोबाइल छुपा कर न रखे, इसके लिए नक्सली उनकी तलाशी भी ले रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के मद्देनजर पिछले दिनों सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को मार गिराया था. बड़ी संख्या में नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया. ऐसे में उनको लग रहा है कि उनके सूचना तंत्र पर पुलिस का तंत्र भारी पड़ रहा है. इसलिए ग्रामीणों का मोबाइल लेकर उन्हें धमकी दी जा रही है कि यदि कोई भी सूचना गांव के बाहर गई, तो जान से हाथ धोना पड़ेगा. पुलिस भी नक्सलियों की इस कदम से वाकिफ है और एहतियाती कदम उठा रही है.