scorecardresearch
 

मासूम के सामने मां का कत्ल, आपबीती सुन दंग रह गई पुलिस

इंसान और इंसानियत पर यकीन करना भी मुश्किल हो जाता है. मुश्किल हो जाता है ये यकीन करना कि इस दुनिया में ऐसे भी लोग मौजूद हैं, जो अपनी ख्वाहिशों के लिए अपने ही जैसे किसी इंसान की जान तक ले सकते हैं. जो किसी मासूम के सामने ही उसकी मां का कत्ल भी कर सकते हैं. लेकिन एक बच्चे के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. अपनी आंखों के सामने अपनी मां खोने वाले इस मासूम से ज़्यादा बदकिस्मत इस वक्त शायद कोई भी नहीं. अपने मां के कातिलों के हाथों खुद इस बच्चे की जान भी जाते-जाते बची.

Advertisement
X
कातिलों ने मां का साया छीन लिया
कातिलों ने मां का साया छीन लिया

इंसान और इंसानियत पर यकीन करना भी मुश्किल हो जाता है. मुश्किल हो जाता है ये यकीन करना कि इस दुनिया में ऐसे भी लोग मौजूद हैं, जो अपनी ख्वाहिशों के लिए अपने ही जैसे किसी इंसान की जान तक ले सकते हैं. जो किसी मासूम के सामने ही उसकी मां का कत्ल भी कर सकते हैं. लेकिन एक बच्चे के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. अपनी आंखों के सामने अपनी मां खोने वाले इस मासूम से ज़्यादा बदकिस्मत इस वक्त शायद कोई भी नहीं. अपने मां के कातिलों के हाथों खुद इस बच्चे की जान भी जाते-जाते बची.

जानकारी के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के कादरपुर गांव की रहनेवाली निशा को उसी का एक रिश्तेदार धोखे से अपने साथ फरीदाबाद ले कर आया. चूंकि ये मासूम भी अपनी मां के साथ था, रिश्तेदार ने उसे भी साथ ले लिया. लेकिन उसका इरादा ठीक नहीं था. इस रिश्तेदार ने अपने साथ अपने कुछ दोस्तों को भी बुलाया और निशा और उसके बेटे को सीधे फरीदाबाद के जंगलों में लेकर गया. वहां मासूम के सामने ही उसकी मां के साथ ज़्यादती करने की कोशिश की. लेकिन निशा ने विरोध किया, तो बच्चे की आंखों के सामने ही कत्ल कर दिया.

इन लोगों ने पहले तो निशा को लाठी डंडों से बुरी तरह पीटा, लेकिन जब इसके बाद भी उनका जी नहीं भरा, तो उन्होंने गाड़ी के दरवाजे पर लगे रबड़ से उसका गला घोंट दिया. मासूम ने कातिलों से अपनी मां को बचाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने इसे भी नहीं बख्शा. पहले तो इसे बुरी तरह मारपीट कर गाड़ी में ही लिटा दिया, लेकिन बाद में उसे अपने साथ उठा कर ले जाने लगे. अपनी ही मां के कत्ल का चश्मदीद होने की वजह से शायद इस बच्चे की जान भी चली जाती, लेकिन ऐन मौके पर पुलिस आ गई.

पुलिस की जिप्सी देखते ही हमलावर गाड़ी और बच्चे को छोड़ कर भाग निकले. पुलिस ने जहां इनमें से दो को पीछा कर पकड़ लिया, वहीं दो भागने में कामयाब रहे. कातिलों से बचने के बाद इस बच्चे ने जो कहानी सुनाई, उसे सुन कर खुद पुलिसवालों के भी रोंगटे खड़े हो गए. घरवालों की मानें तो निशा पिछले कई सालों से अपने पति से अलग रह रही थी. उके दो बच्चे हैं, जिनमें एक अपनी नानी के पास रहता है. दूसरा निशा के पास ही रहता था. पिता के प्यार से महरूम इन बच्चों के सिर से कातिलों ने उनकी मां का साया भी छीन लिया.

Advertisement
Advertisement