हरियाणा के पलवल जिले में एक व्यक्ति को अपने ही परिवार के सदस्य को पैसे उधार देना महंगा पड़ गया. बार-बार पैसे वापस मांगने के बाद भी जब आरोपी ने पैसे वापस नहीं दिए तो पीड़ित शख्स ने मामला पंचायत में उठाया. आरोपी इस बात से इतना नाराज हुआ कि उसने अपने ही 12 साल के भतीजे की हत्या कर दी. बच्चा छह दिनों से लापता था. परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. आखिरकार पुलिस को जब बच्चे का शव मिला, तब जाकर पूरा मामला लोगों के सामने आया. पुलिस ने बच्चे की हत्या के आरोप में चाचा को गिरफ्तार कर लिया है.
आरोपी शख्स का नाम योगेश है. पुलिस के मुताबिक योगेश उधार वापस किए जाने का मामला पंचायत में ले जाने से खफा था, वो बेइज्जती महसूस कर रहा था. लानत महसूस किए जाने की वजह से योगेश ने अपने ही परिवार के एक मासूम बच्चे की हत्या कर दी, क्योंकि इससे उसे बदला पूरा होता दिखा.
जिला पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत ने हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि पलवल के घाघोट गांव के रहने वाले रामचंद्र ने 12 जुलाई को चांदहट थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि उसका 12 वर्षीय पोता दिनेश घर से गायब है. उसे काफी तलाश किया गया, लेकिन कुछ पता नहीं चला. पुलिस ने शिकायत के आधार पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शिकायतकर्ता रामचंद्र से उसी गांव के निवासी योगेश ने किसी काम से दो लाख रुपये लिए थे. योगेश उनके ही परिवार का सदस्य है. रामचंद्र ने योगेश से जब वह रुपये वापस मांगे तो उसने देने से इनकार कर दिया. जिसके बाद उन्होंने पंचायत कर योगेश के सामने पैसों की मांग रखी. इसके बाद आरोपी योगेश ने इसे बेइज्जती मानते हुए इस संगीन वारदात को अंजाम दिया.
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हरियाणा पुलिस ने इस मामले में पूछताछ के लिए शुक्रवार को योगेश को हिरासत में लिया था, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ है.