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हाथरस केस में पुलिस जांच में स्पष्ट खामियों को लेकर तत्कालीन एरिया इंस्पेक्टर समेत दो पुलिसकर्मियों के कबूलनामे को कैमरे में कैद करने के बाद इंडिया टुडे स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने अब पाया है कि जेल में बंद संदिग्धों में से एक आदतन उत्पीड़क हो सकता है.
याद करें कि दलित पीड़िता ने अपने एक वीडियो बयान में आरोप लगाया था कि हमलावरों ने पहले भी उसके साथ जबर्दस्ती (रेप) करने की कोशिश की थी.
पीड़िता के गांव जाकर इंडिया टुडे की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस आरोप की जांच की और उस परिवार तक पहुंच गई, जिनकी बेटी पीड़िता की करीबी सहेली और चचेरी बहन थी. दोनों चचेरी बहनें आपस में सारी बातें साझा करती थीं.
इस परिवार की महिला ने बताया कि उसकी बेटी अभी भी नाबालिग है. ये महिला (पीड़िता की रिश्ते में चाची) खुद इंडिया टुडे की SIT से बात करने के लिए तैयार हो गई.
“संदिग्ध करता था पीछा, छेड़खानी, उत्पीड़न”
महिला और उसके पति ने जोर देकर कहा कि जेल में बंद संदिग्धों में से एक, संदीप, उनकी भतीजी का पीछा करने के अलावा छेड़खानी और उत्पीड़न करता था.
पीड़िता (जिसकी अब मौत हो चुकी है) ने अपने वीडियो बयान में हमलावर के तौर पर संदीप का भी नाम लिया था.
पीड़िता की चाची ने इंडिया टुडे के इंवेस्टीगेशन रिपोर्टर्स को बताया, "मैं यह पक्का बयान दे रही हूं. उस लड़के ने पहले भी उसके साथ छेड़खानी की थी.”
रिपोर्टर ने पूछा- "आपका मतलब है कि संदीप उसके साथ छेड़खानी करता था?"
महिला- "हां, हां, हम पक्का सबूत दे रहे हैं. हमने देखा है तभी तो कह रहे हैं. उसने लड़की के साथ बदतमीजी की. उसने उसका हाथ पकड़ा. लड़की (पीड़िता) अपनी मां के साथ बाजार जा रही थी. उसने बाजार के बीच में उसका हाथ पकड़ा, किसी की भी इतनी हिम्मत नहीं हो सकती."
“संदिग्ध के पिता को बेटे की हरकतों के बारे में पता था”
महिला के मुताबिक पीड़िता के पिता ने संदीप के गलत बर्ताव को लेकर उसके पिता से शिकायत भी की थी.
महिला ने कहा, "वह जहां कहीं भी जाती थी, वो उससे छेड़खानी करता था. एक बार जब वो सुबह जाड़े में एक दुकान पर कुछ सामान लेने जा रही थी तो उसने उसका हाथ पकड़ लिया."
रिपोर्टर- "यह कब से हो रहा था?"
महिला- “कम से कम, काफी दिन हो गए”
रिपोर्टर- "क्या उसने (पीड़िता) आपको संदीप की ओर से परेशान किए जाने के बारे में बताया था?"
महिला- “सबके सामने बोलती थी.”
महिला के मुताबिक संदिग्ध (संदीप) के पिता से पीड़िता के घरवालों ने उसकी शिकायत भी की थी.
महिला- “मेरे जेठ (पीड़िता के पिता) ने उनसे (संदीप के पिता से) कहा कि उनकी बेटी की क्यों बेइज्जती की जा रही है? वह (संदीप के पिता) अपने बेटे को क्यों नहीं समझाते? इसके बाद, उन्होंने (संदीप के पिता) उसे मारा भी. उन्होंने और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने उसकी (संदीप) पिटाई की. वे (संदीप से) परेशान थे.”
अन्य संदिग्ध बधारता था शेखी
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि एक और संदिग्ध लवकुश गिरफ्तार होने से पहले तक हमारे छोटे लड़कों के सामने बिना किसी शर्म खुद ही अपने किए पर शेखी बधार रहा था.
महिला ने कहा, “जब पीड़िता अस्पताल में थी तो लवकुश हमारे लड़कों से कहता था, हमने चीर दिया, फाड़ दिया, रेप कर दिया तुमने हमारा क्या कर लिया.”
गांव वालों के सामने पीड़िता ने संदिग्ध का नाम लिया
गांव की एक और महिला (जिसका दावा है कि वो 14 सितंबर को घटना का पता चलने के बाद अपराध की जगह पर गई थी) ने इंडिया टुडे SIT को बताया, “जब गांव वाले उसको (पीड़िता) को घेरे सदमे में खड़े थे तो उसने सबके सामने हमलावर के तौर पर संदीप का नाम लिया.”
महिला बिटोली देवी ने कहा- "हमने उसे वहां पाया. वो तब बात कर रही थी. मैंने उससे कुछ नहीं पूछा, लेकिन किसी और ने पूछा कि किसने उसका ये हाल किया. तो वो सबके सामने बोली- संदीप ने.”
रिपोर्टर- "फिर लोगों ने क्या किया?"
बिटोली देवी ने जवाब दिया- “चुप हो गए सब.”
ऑपरेशन हाथरस पार्ट 1
इससे पहले, इंडिया टुडे की SIT ने चंदपा पुलिस स्टेशन के तत्कालीन इंस्पेक्टर दिनेश कुमार वर्मा को अपनी लापरवाही की बात कहते कैमरे में कैद किया था. इसी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र के तहत वो जगह आती है जहां अपराध हुआ. वर्मा ने पीड़िता को उस वक्त न तो देखने जाने और न ही उसे मेडिकल चिकित्सा उपलब्ध कराने की बात कबूली थी.
वर्मा ने कहा, "मेरी लापरवाही देखने (पीड़िता को) नहीं जाने, (उसे) इलाज मुहैया नहीं कराने और कांस्टेबल को उसके साथ नहीं भेजने (हाथरस से अलीगढ़) को लेकर थी.”
वर्मा ने संदिग्धों पर रेप का आरोप लगाने के समर्थन में न होने की बात भी कबूली, जिस आरोप को बाद में जोड़ा गया.
इस महीने, उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस जिले के पुलिस प्रमुख विक्रांत वीर, डीएसपी (सर्कल ऑफिसर) राम शबद, इंस्पेक्टर वर्मा, वरिष्ठ सब-इंस्पेक्टर जगवीर सिंह और हेड कांस्टेबल महेश पाल को निलंबित कर दिया.